चीनी सेना को मजबूत करने और समुद्री इलाकों में उसकी पैठ बनाने के लिए इस युद्धपोत को तैयार किया गया है। इस महीने यह अपना दूसरा परीक्षण भी पूरा कर लेगा। चीन की जहाज बनाने बाली कंपनी सीएसआईसी के अध्यक्ष ने 21 जून को कंपनी की वेबसाइट के जरिए से इसके पहले सफल परीक्षण की जानकारी दी थी। इस परीक्षण का उद्देश्य जहाज के प्रणोदन प्रणाली की विश्वसनीयता और क्षमता की जांच करना है। इसे साल 2013 में बनाना शुरू किया गया था।
इसकी खासियत है कि इसमें 12,000 उपकरण मौजूद हैं। जिन्हें चीन की 532 कंपनियों ने तैयार किया है। इस पोत में 3200 केबिन हैं और रोजाना इसमें 3,000 मजदूर काम कर सकते हैं। नौसेना का कहना है कि इस युद्धपोत के कई फीचर लिओनिंग से काफी अलग हैं।
दुनिया में ऐसे बहुत कम देश हैं जिनके पास युद्धपोत हैं। इसमें भारत के अलावा अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, थाईलैंड और चीन का नाम शामिल हैं। इन देशों में सबसे ज्यादा युद्धपोत अमेरिका के पास हैं। जिनकी संख्या 11 है और हर एक का वजन एक लाख टन है।