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अमेरिका की भारत समेत तीन देशों की गोलबंदी से डरा चीन, कहा- टारगेट पर हम नहीं

Mon, 06 Nov 2017 08:55 AM IST
एजेंसी/बीजिंग
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ट्रंप प्रशासन के भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ कामकाजी स्तर की चार पक्षीय बैठक के प्रस्ताव पर चीन ने रविवार को सधी प्रतिक्रिया दी। चीन ने कहा कि बीजिंग को उम्मीद है कि इससे तीसरे पक्ष का हित प्रभावित नहीं होगा या उसे निशाना नहीं बनाया जाएगा।
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विदेश विभाग ने पिछले महीने कहा था कि अमेरिका भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ कम समय में कामकाजी स्तर की चार पक्षीय बैठक पर विचार कर रहा है।

हालांकि, चीन ने प्रस्ताव को क्षेत्र में उसके प्रभाव से मुकाबला करने के प्रयास के तौर पर देखा था। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि ऐसी व्यवस्था से देशों के बीच आपसी भरोसा बढ़ेगा और उसका हित प्रभावित नहीं होगा।

मंत्रालय ने यहां एक लिखित जवाब में कहा, ‘चीन को उम्मीद है कि संबंधित देशों के बीच तालमेल समय की प्रवृत्ति को अपनाएगा, जिसका संदर्भ शांति, विकास और सहयोग तथा साझा फायदे से है।’
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इसमें कहा गया, ‘हमें उम्मीद है कि देशों और क्षेत्रों के बीच आपसी भरोसा बेहतर करने में यह फायदेमंद होगा। साथ ही तीसरे पक्ष के हित को निशाना बनाए बिना या प्रभावित किए बिना इलाके के भीतर अमनचैन, समृद्धि की हिफाजत की उम्मीद जताई।
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‘एशिया प्रशांत’ की जगह ‘हिंद प्रशांत’  भारत के उन्नति को दर्शाता है: यूएस

वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ‘एशिया-प्रशांत’ शब्द के स्थान पर ‘हिंद-प्रशांत’ के प्रयोग का बचाव किया। वाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह शब्द भारत की उन्नति के महत्व को दर्शाता है जिसके साथ अमेरिका के मजबूत और विकसित होते संबंध हैं।

ट्रंप प्रशासन ने कहा, ‘इसमें (हिंद-प्रशांत) मुक्त समुद्री नौवहन के महत्व शामिल है जिससे कि हमारी सुरक्षा और समृद्धि जारी रहेगी।’
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