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हिंदू राष्ट्रवाद ने खराब किए रिश्ते, भारत-चीन के बीच छिड़ सकती है जंग: चीनी मीडिया

Thu, 20 Jul 2017 03:30 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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- फोटो : AFP
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चीन के साथ सीमा विवाद की लड़ाई लड़ रहे भारत को चीन की ओर से नया आरोप झेलना पड़ रहा है। चीनी मीडिया का कहना है कि भारत में बढ़ रहे हिंदू राष्ट्रवाद की वजह से पीएम मोदी की चीन के प्रति बनाई गई पॉलिसी को खतरा पैदा हो गया है।
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चीनी मीडिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देश में इसी तरह हिंदू राष्ट्रवाद बढ़ता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब दोनों देश युद्ध की कगार पर खड़े होंगे। चीनी मीडिया ने भारत को आगाह किया है कि वो अपने लिए खतरा पैदा कर रहा है।

गौरतलब है कि डोकलाम सीमा पर चल रहे भारत चीन विवाद के बीच चीन ने दसों हजार टन हथियारों के साथ अपनी सेना के ट्रकों को तिब्बत सीमा के लिए रवाना किया है। इससे पहले चीन, सीमा पर विवाद बढ़ने के बाद से दो बार सैन्य अभ्यास कर चुका है। रिपोर्ट की माने तो चीन यह सब भारत पर डोकलाम सीमा विवाद को लेकर दबाव बनाने के लिए कर रहा है। 
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बॉर्डर विवाद के बीच चीन ने तिब्बत रवाना किया हथियारों से लैस सैन्य दस्ता

पाकिस्तानी मीडिया द्वारा चलाई जा रही झूठी खबर की तस्वीरें - फोटो : Dunya News TV
चीन सैन्य अभ्यास सिक्किम बॉर्डर के बजाय उत्तरी तिब्बत में कर रहा है। लेकिन वह अपने सभी हथियार बड़ी की आसानी से सीमा पर भेज सकता है। इसके लिए चीन ने काफी बड़ा रेल और रोड नेटवर्क बिछा रखा है। लहासा से लेकर याडोंग तक फैले इस एक्सप्रेस वे के कारण, चीनी सेना 700 किमी का सफर महज 6 से 7 घंटे में तय कर सकती है। 

साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार यह प्रोजेक्टस अगले महीने के अंत तक शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत चीन रोड और रेल के माध्यम से हार्डवेयर लगातार पहुंचाएगा। 

गौरतलब है कि चीन और भारत के बीच तनातनी बीते एक महीने से ज्यादा समय से चल रही है। डोकलाम को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद दोनों ही देश अपने अपने रुख पर अड़े हुए हैं। जहां भारत इस समस्या का राजनयिक समाधान निकालने की बात कर रहा है, वहीं चीन लगातार भारत से अपनी सेना वापस बुलाने की बात कर रहा है। 

वहीं मंगलवार को सरकार ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। विदेश सचिव एस जयशंकर ने मीडिया से बातचीन में कहा कि दोनों देश इस मुद्दे का राजनयिक हल निकलने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे कुछ समय पहले ही बीजिंग की ओर से भारत को एक बार और चेतावनी जारी की गई थी। 
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