चीन के पूर्व राजनयिक ने बुधवार को चीनी मीडिया से बातचीत में एक बार फिर भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि डोकलाम सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों के पास तीन विकल्प हैं, या तो वह पीछे हट जाएं, या चीन उन पर हमला करके उन्हें बंदी बना ले या फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाए।
पूर्व चीनी राजनयिक का यह बयान कहीं न कहीं बीजिंग की मंशा को दिखाता है। चीन, डोकलाम विवाद को लेकर भारत के रुख के चलते सेना का इस्तेमाल कर सकता है। वहीं पिछले दिनों चीनी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारत जब तक पीछे नहीं हटता तब तक इस मुद्दे पर बातचीत नहीं हो सकती है।
लियू हूफा पूर्व चीनी राजनयिक है, जिन्होंने ने मुंबई में काम किया है। अब वह रणनीति विशेषज्ञ के तौर पर काम करते हैं।
बुधवार को चाइना सेंट्रल टीवी ने कहा कि जब लोग वर्दी में होते हैं और सीमा पार कर किसी अन्य देश की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं तो वह दूसरे देश के लिए अपने आप दुश्मन बन जाते हैं। उन्हें तीन परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।
लियू ने आगे बात करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों को हम बाहर धकेल देंगे या उन्हें बंदी बना लेंगे। अगर सीमा पर विवाद बढ़ता है तो उन्हें मार गिराया जाएगा। भारतीय सैनिकों के लिए केवल यहीं तीन संभावनाएं हैं।
चीनी मीडिया ने किया था दावा- मार गिराए 158 भारतीय सैनिक
पाकिस्तानी मीडिया द्वारा चलाई जा रही झूठी खबर की तस्वीरें
- फोटो : Dunya News TV
सोमवार को भारत ने चीनी मीडिया की उस रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि उनकी सेना ने 158 भारतीय सैनिको को मार गिराया है और सिक्किम बॉर्डर पर रॉकेट दागे हैं। चीनी मीडिया की यह रिपोर्ट तिब्बत सीमा पर चीनी सैनिकों के युद्धाभ्यास के एक दिन बाद आई।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट बिलकुल गलत और आधारहीन हैं। ऐसे कोई भी रिपोर्ट एक जिम्मेदार मीडिया द्वारा नहीं चलाई जाती है।
गौरतलब है कि चाइना सेंट्रल टीवी की ओर से दो मिनट का एक वीडियों जारी किया गया था, जिसमें दिखाया गया था कि चीनी सैनिकों ने सिक्किम बॉर्डर पर हमला कर दिया है। इस हमले में कई भारतीय सैनिक घायल हो गए हैं। वीडियों में यह भी दिखाया गया कि चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट पर रॉकेट लॉन्चर, मशीन गन और मोटार से हमला कर दिया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने से भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर तनातनी चल रही है। भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना के डोकलाम में रोड निर्माण करने पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद दोनों देशों की ओर से सीमा पर सैनिकों को संख्या बढ़ा दी।
डोकलाम, चीन-भारत-भूटान सीमा के तीराहे पर स्थित है। इस क्षेत्र पर भूटान और चीन दोनों अपना दावा कर रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद से चीन ने हर साल होने वाली अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी। इसके साथ ही चीन ने भारतीय सेना पर बॉर्डर पार कर चीनी सीमा में घुसने का भी आरोप लगाया।