चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ
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चीनी सामान के बहिष्कार को लेकर चीन की सरकारी मीडिया ने भारत को आगाह किया है। सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीन की कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाकर भारत को कुछ हासिल नहीं होगा। इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा। सरकारी मीडिया ने कहा है कि भारत में चीन के निवेश को बढ़ाने की बजाय उत्पाद पर रोक लगाने की बात चल रही है। ऐसा दो बार हो चुका है। पहली बार अप्रैल में हुआ था। जब चीन ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नेता मौलाना मसूद अजहर पर अपना रूख जाहिर किया था। जबकि दूसरी बार जुलाई में भी ऐसा हुआ था। जब चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्त्ता समूह में भारत के प्रवेश का विरोध किया था। अब कश्मीर मुद्दे की वजह से चीन के सामान को एक बार फिर निशाने पर लिया जा रहा है।
सरकारी मीडिया ने कहा है कि चीनी सामान को अपने बाजार में खुले तौर पर आने की इजाजत देने के अलावा भारत को औद्योगिक ढांचे को सुधारने की जरूरत है। इससे व्यापारिक असंतुलन की समस्या दूर होगी।
अखबार ने चीन सरकार के आंकड़ों का हवाला देकर लेख में कहा कि सितंबर में ही भारत ने चीन को 92 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि चीन से 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान भारत को निर्यात हुआ।