बीजिंग में SCO समिट में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विकास के मुद्दे पर विश्व का नजरिया जानने, साफ और स्वस्थ जीवन, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, दोहा विकास एजेंडा, निरस्त्रीकरण और अप्रसार के लिए यह एक बड़ा प्लेटफॉर्म है।
इस दौरान सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान पर बिना नाम लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर बात करने से ही इसका सफाया नहीं होगा बल्कि हमें ऐसे देशों को पहचानना होगा जोकि आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करवाते हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेजी से फैलता आतंकवाद है और उससे लड़ने के लिए सुरक्षित ढांचा विकसित करना होगा। संरक्षणवाद को हर रूप में खारिज किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि SCO के सदस्य देशों में चीन, भारत, रूस, कजाकिस्तान, उजवेकिस्तान, तजाकिस्तान, कायरेजिस्तान और पाकिस्तान शामिल है। बीजिंग में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद हैं।
सूत्रों के मुताबिक डोभाल पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के लिए भूमिका बनाएंगे। दोनों नेताओं की मुलाकात में डोकलाम समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।