हालांकि चीन ने दोकलाम सैनिकों की संख्या घटने वाले बयान पर सीधे कुछ नहीं कहा। लू ने कहा, भारत और चीन महत्वपूर्ण पड़ोसी देश हैं। दोनों देश विकास और कायाकल्प के महत्वपूर्ण रास्ते पर हैं।
दोनों देशों को सामरिक संदेह को खत्म और सामरिक सहयोग को बढ़ाना चाहिए। हम भारत से अपील करते हैं कि दोनों नेताओं की सीमा पर शांति स्थापित करने की सहमति को आगे बढ़ाया जाए। ऐसी चीजों से बचा जाए, जिससे स्थिति जटिल हो। यह भारत समेत पूरे क्षेत्र के हित के लिए अच्छा रहेगा।
1890 की संधि का हवाला दिया
चीन ने कहा है कि सिक्किम क्षेत्र की भारत-चीन सीमा 1890 के ऐतिहासिक समझौते के अनुसार तय है। 200 किलोमीटर लंबी सीमा संबंधी यह समझौता ब्रिटिश सरकार और चीन के बीच हुआ था।
चीन का कहना है कि भारत समझौते के अनुसार ही सीमा को स्वीकार्य कर ले। सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के लिए 20 बार वार्ता हो चुकी है।