वाराणसी में वायु प्रदूषण से परेशान लोगों का एक दृश्य
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अब तक की उपलब्ध जानकारी से हमें यह मालूम हो पाया था कि वायु प्रदूषण से हमारा स्वास्थ्य प्रभावित होता। जिसमें सांस लेने संबंधी बीमारियां, फेफड़ों का कैंसर और डायबीटिज होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन चीन में हुए एक नए शोध से पता चला है कि इंसानों पर वायु प्रदूषण का नकारत्मक प्रभाव सिर्फ इतना ही नहीं है बल्कि इसके कई गंभीर खतरे हैं।
चीन में किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वायु प्रदूषण न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि हमारे ज्ञान संबंधी कौशल को भी प्रभावित करता है। शोध में बताया गया है कि हवा में मौजूद प्रदूषण के कारण मौखिक और गणित की परीक्षा में कम अंक आने की संभावना बढ़ जाती है। यह अध्ययन पीएनएएस नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
प्रदूषण के कारण आपकी मैथ्स भी हो सकती है कमजोर!
शो धकर्ताओं का कहना है कि यह ताजा अध्ययन बताता है कि वायु प्रदूषण समाज को हमारे पूर्वानुमानों से कहीं अधिक प्रभावित करता है। अमेरिका स्थित इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक सीनियर रिसर्च फेलो और चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जियाबो झांग कहते हैं कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से मौखिक और गणित परीक्षाओं में प्रदर्शन की क्षमता बाधित होती है। वह आगे कहते हैं, वायु प्रदूषण द्वारा संज्ञात्मक क्षमता को होने वाली क्षति के चलते मानव पूंजी के विकास में बाधा आती है।
भारत के युवाओं पर पड़ सकता है बुरा असर
इससे पहले भी किए गए कई अध्ययन यह बताते हैं कि वायु प्रदूषण का असर संज्ञात्मक क्षमताओं पर पड़ता है। हालांकि, यह पहली बार सामने आया है कि इससे व्यक्ति के बोलने और गणित की क्षमता प्रभावित होती है। अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान में वरिष्ठ शोधार्थी शिओबो झांग ने कहा, ''चीन के शहरों के मुकाबले भारतीय शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति ज्यादा गंभीर है इसलिए मुझे आशंका है कि भारत में इसका असर बेहद बुरा होगा।'' झांग ने कहा, ''लंबे समय तक प्रदूषित वायु में सांस लेने से मौखिक और गणित परीक्षाओं में ज्ञानात्मक प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न होती है।''