अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
आतंकवाद के मसले पर अमेरिका द्वारा घेरे जा रहे पाकिस्तान का उसके मित्र चीन ने तगड़ा बचाव किया है। चीन ने कहा है कि वह अमेरिका द्वारा पाकिस्तान पर ‘उंगली उठाए जाने’ और इस्लामाबाद को आतंकवाद के साथ जोड़ने का पुरजोर विरोध करता है। आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी किसी विशेष देश पर नहीं डाली जा सकती है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमेशा से चीन आतंकवाद को किसी देश विशेष से जोड़ने का विरोधी रहा है। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की जिम्मेदारी किसी एक पर डालने के लिए सहमत नहीं हैं।’ लू कांग व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बीते दिनों दिए गए उस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें कहा गया था कि आतंकी पनाहगाहों को नष्ट करने के मसले पर उम्मीद है कि चीन अपने पड़ोसी पाकिस्तान को समझाने में मददगार भूमिका निभाएगा।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि हमने कई बार जोर देते हुए कहा है कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की दिशा में पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण योगदान और बलिदान दिया है। देशों को आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को आपसी सहयोग के जरिए मजबूत करना चाहिए ना कि एक-दूसरे पर उंगली उठानी चाहिए। यह दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिए भी उचित नहीं है।
गौरतलब है कि पाक आतंकी पनाहगाहों को खत्म करने को लेकर इस्लामाबाद पर अमेरिकी दबाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच चीन के इस ताजे बयान को उसके मित्र पाकिस्तान के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। अभी पिछले हफ्ते ही आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में विपल रहने को लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली दो अरब डॉलर की राशि निलंबित कर दी थी।