पूरी दुनिया से झूठ बोलकर कोरोना वायरस का संक्रमण सभी देशों में फैलाने वाला चीन एक बार फिर दुनिया से झूठ बोल रहा है। चीन ने दावा किया था कि उसके यहां से कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म हो गया है, लेकिन इस झूठे और चालबाज देश का चेहरा बेनकाब हो गया है। चीन के किंगदाओ शहर में 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के एक समूह के स्थानीय अस्पताल में फैलने के बाद चीन केवल पांच दिनों में कोरोना वायरस के लिए 94 लाख लोगों का परीक्षण करेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तीन दिनों के भीतर पोर्ट सिटी किंगदाओ के पांच जिलों का परीक्षण किया जाएगा, जबकि पांच दिनों के भीतर पूरे शहर का परीक्षण किया जाएगा।
यह कदम शहर में वायरस के 12 मामलों का पता चलने के बाद उठाया गया है, जो कि शंघाई से 350 मील उत्तर में स्थित एक अस्पताल में पाया गया है। इस अस्पताल में विदेश से लौटने वाले संक्रमित लोगों का इलाज किया जा रहा है।
संक्रमण के मामले पहले रविवार को दर्ज किए गए थे, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल से जुड़े 140,000 कर्मचारियों, रोगियों और कर्मियों का परीक्षण पहले ही किया जा चुका है।
'गोल्डन वीक' की छुट्टी के तुरंत बाद कोरोना वायरस के प्रकोप का पता चला था, जब पूरे चीन में सैकड़ों लाखों लोगों ने यात्रा की थी, जिससे आशंका है कि संक्रमण शहर के बाहर भी फैल सकता है। वहीं, जिनान शहर, जो कि किंगदाओ के करीब है, ने 23 सितंबर से दौरा करने वाले सभी लोगों का परीक्षण करने के लिए कहा है।
किंगदाओ में परीक्षण शहर के आस-पास के मेशिफ्ट मेडिकल सेंटरों में किया जा रहा है, जो सुबह सात से 11 बजे के बीच चल रहा है। स्थानीय अधिकारियों के एक प्रवक्ता ने कहा कि 'देश में अब बड़े पैमाने पर शहरों में परीक्षण की नीति है, क्योंकि कोरोना संक्रमण के एक समूह का पता चला है, भले ही यह समूह मामूली हो।'
बता दें कि जून में, राजधानी बीजिंग के बड़े इलाके में दो करोड़ से अधिक लोगों का परीक्षण किया गया था, जब शहर में खाद्य बाजार से जुड़े लोगों में संक्रमण के मामले सामने आए थे। साथ ही वुहान शहर, जिसकी आबादी एक करोड़ दस लाख है और जहां वायरस पहली बार उत्पन्न हुआ था, वहां संक्रमण के एक समूह के पाए जाने के बाद जून से 19 दिन पहले परीक्षण किया गया था।