अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को खोलने के बाद रविवार को चीन ने विदेशी यात्रियों के पहले बैच का स्वागत किया। कोरोना के कारण तीन साल में यह पहली बार है कि जब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बिना अनिवार्य क्वारंटीन नियम के चीन में प्रवेश दिया गया है।
टोरंटो-सिंगापुर से चीन पहुंचे 387 यात्री
राज्य द्वारा संचालित सीजीटीएन टीवी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की पहली उड़ानें दक्षिणी ग्वांगडोंग प्रांत के ग्वांगझू और शेनझेन में हवाई अड्डों पर उतरीं। अधिकारियों ने कहा कि टोरंटो और सिंगापुर की दो उड़ानों में 387 यात्री सवार थे।
40 दिन में 200 करोड़ लोग करेंगे यात्रा
शनिवार से चीन का 'लूना न्यू ईयर' शुरू हो चुका है। इसे 40 दिन का दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन कहा जाता है। दरअसल, यहां इस अवधि में बड़ी संख्या में लोग एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। 21 जनवरी से इसको लेकर आधिकारी छुट्टियां शुरू हो रही हैं। 2020 के बाद ऐसा पहली बार है कि चीन में बिना यात्रा प्रतिबंधों के लूना न्यू ईयर मनाया जाएगा। चीन के परिवहन मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक, अगले 40 दिनों में 200 करोड़ से अधिक लोगों के यात्रा करने का अनुमान है।
गली-कूचे में हो रहा अंतिम संस्कार
चीन के वर्तमान हालात इतने खराब हैं कि यहां सरकार लोगों के अंतिम संस्कार तक की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। ट्विटर पर शेयर किए जा रहे वीडियो में सड़कों पर अस्थायी दाह संस्कार दिख रहे हैं। एक सड़क पर एक शव के चारों ओर लोग दिख रहे हैं, जिसके बाद उसमें आग लगा दी जाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में अंतिम संस्कार के लिए काफी लंबी लाइनें हैं। लोगों को बस दस मिनट का ही समय दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यहां के अंतिम संस्कार स्थलों पर सामान्य से पांच गुना शव पहुंच रहे हैं।
कुछ चीनी शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध हटाया गया
कुछ चीनी शहरों के अधिकारियों ने 22 जनवरी को चंद्र नव वर्ष से पहले विरोध के बीच आतिशबाजी पर प्रतिबंध हटा दिया है। हालांकि, कुछ अन्य चीनी शहरों में प्रतिबंध को और सख्त कर दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पटाखे जलाने के लिए लोगों को दंडित किया जा रहा है। पटाखों से संबंधित घटनाओं में 544 लोगों के घायल होने के बाद बीजिंग में पटाखों पर पहली बार 1993 में प्रतिबंध लगाया गया था। पटाखों को भी देश के प्रदूषण की बड़ी वजह माना जाता है।