पिछले साल सितंबर में सितंबर में, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 51वें सत्र में 68 देशों का नेतृत्व किया और मानवाधिकारों के बहाने चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध किया।
ग्रीक समाचार वेबसाइट डायरेक्टस की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में 15 मार्च को इस्लामोफोबिया विरोधी दिवस घोषित करने में चीन ने चालाकी से हेरफेर किया है। चीन ने शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध पश्चिम के अभियान का मुकाबले के लिए पाकिस्तान का उपयोग किया। वहीं, ऐसा करना चीनी अंदरूनी मामलों में दखल बताया।
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दरअसल, पिछले साल सितंबर में सितंबर में, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 51वें सत्र में 68 देशों का नेतृत्व किया और मानवाधिकारों के बहाने चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध किया।
प्रार्थना की अनुमति नहीं
डायरेक्टस ने बताया िक चीन के शिनजियांग में हालात बदतर हैं। यहां उइगर मुस्लिमों को अभिव्यिक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक मामलों में भी इस्लामोफोबिया का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि चीन मुस्लिमों को इस्लामी तौर-तरीकों से प्रार्थना तक नहीं करने देता।