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China: अमेरिका के लिए जासूसी करने वाले युवक के खिलाफ चीन की सख्त कार्रवाई, मिलती थी बड़ी रकम, जानें पूरा मामला

Mon, 23 Oct 2023 04:55 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

एक रिपोर्ट के अनुसार एक अज्ञात रक्षा संस्थान में काम करने वाले होउ उपनाम के एक व्यक्ति को 2013 में एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में विजिटिंग स्कॉलर के रूप में भेजा गया था। 
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चीन और अमेरिका - फोटो : pixabay
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विस्तार
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चीन की शीर्ष जासूसी एजेंसी ने रविवार को अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप में एक चीनी नागरिक के खिलाफ ट्रायल शुरू कर दिया है। रक्षा संस्थान के लिए काम करने वाले आरोपी के केस को सुनवाई के लिए दक्षिण-पश्चिमी शहर चेंगदू की एक अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। 

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एक रिपोर्ट के अनुसार एक अज्ञात रक्षा संस्थान में काम करने वाले होउ उपनाम के एक व्यक्ति को 2013 में एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में विजिटिंग स्कॉलर के रूप में भेजा गया था। यहां उसे चीनी राज्य के रहस्यों को उजागर करने के लिए मजबूर किया गया था। मीडिया रिपोर्ट में विश्वविद्यालय का नाम नहीं लिया गया।

काम के बदले मिलती थी भारी रकम
एक करीबी अमेरिकी प्रोफेसर ने होउ को ऐसे व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को एक परामर्श कंपनी का कर्मचारी होने का दावा किया, लेकिन वास्तव में वह एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी था। आने वाले महीनों में दोनों में दोस्ती बढ़ी और उनके बीच तय हुआ कि होउ अन्य गोपनीय जानकारी देगा, जिसके बदले उसे एक हजार डॉलर मिलेंगे। 
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खुफिया अधिकारी ने उसकी कंपनी में परामर्श विशेषज्ञ बनने के लिए होउ से संपर्क किया और उसे हर बार खूफिया जानकारी देने के लिए 600-700 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने का वादा किया।

इसलिए होना पड़ा सहमत
कुछ महीने बाद, जब होउ की पत्नी और बेटा अमेरिका का दौरा कर रहे थे, अमेरिकी ने अपने असली इरादों का खुलासा किया और उनके सहयोग के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव रखा। रिपोर्ट के अनुसार, होउ अपनी पत्नी और बेटे की सुरक्षा के डर से शर्तों पर सहमत हो गया।

बता दें कि हाल के वर्षों में, चीन ने जासूसी के संदेह में दर्जनों चीनी और विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार और हिरासत में लिया है, जिससे उसके जवाबी जासूसी प्रयासों पर अमेरिका की चिंताएं बढ़ गई हैं। 

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