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चीन की चिंता: तेजी से बढ़ रही बूढ़ी आबादी, 2035 तक 60 साल की उम्र वाले 40 करोड़ लोग होंगे

Tue, 20 Sep 2022 09:28 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

एक तरफ चीन तेजी से बूढ़ा हो रहा है, दूसरी तरफ इसकी आबादी में गिरावट आ रही है, जो कम्युनिस्ट राष्ट्र के आर्थिक विकास की मुख्य ताकत श्रम बल की भविष्य में उपलब्धता पर चिंता बढ़ा रहा है।
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China population - फोटो : social media
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विस्तार
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चीन में तेजी से बढ़ती बूढ़ी आबादी 2035 तक 40 करोड़ को पार कर जाएगी। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के लिए कई चुनौतियां हैं। एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि चीन तेजी से बूढ़ा हो रहा है, 60 वर्ष और उससे अधिक की आयु के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस साल के अंत तक ये 26.7 करोड़ तक पहुंच जाएगी। ये कुल आबादी का 18.9 प्रतिशत है। अनुमान है कि 2025 तक बुजुर्गों की आबादी 30 करोड़ से ऊपर होगी और 2035 तक 40 करोड़ होगी। राज्य द्वारा संचालित चाइना डेली के हवाले से अधिकारी ने ये बातें कहीं। 

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बूढ़ी आबादी के 2050 के आसपास चरम पर पहुंचने की उम्मीद
अधिकारी ने कहा कि चीन की वरिष्ठ आबादी का आकार और कुल जनसंख्या के अनुपात में इसकी संख्या 2050 के आसपास चरम पर पहुंचने की उम्मीद है। ये सार्वजनिक सेवाओं के प्रावधान और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। एक तरफ चीन तेजी से बूढ़ा हो रहा है, दूसरी तरफ इसकी आबादी में गिरावट आ रही है, जो कम्युनिस्ट राष्ट्र के आर्थिक विकास की मुख्य ताकत श्रम बल की भविष्य में उपलब्धता पर चिंता बढ़ा रहा है। चीन की जनसंख्या पिछले साल 50 लाख से भी कम बढ़कर 141.26 करोड़ हो गई, क्योंकि जन्म दर लगातार पांचवें वर्ष गिरा है। इससे एक जनसांख्यिकीय संकट और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का डर पैदा हो गया है।

इस महीने की शुरुआत में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में चीन में विवाहित जोड़ों का पंजीकरण 80 लाख से कम रहा, जो 1986 के बाद से सबसे कम है। ये घटती जन्म दर और घटती जनसंख्या की चिंताओं को बढ़ाता है जो 2025 तक नकारात्मक वृद्धि को छू सकता है। 2021 में चीनी विवाहित नागरिक मामलों पर नवीनतम आंकड़ों अनुसार केवल 70.64 लाख जोड़ों ने अपनी शादी को पंजीकृत किया, जो 1986 के बाद से सबसे कम है। देर से विवाह करना चीन में एक प्रवृत्ति बन गई है। सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने चीनी विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि तीन बच्चों को अनुमति देने की नीति आगे चलकर जनसंख्या की समस्या के लिए एक चुनौती बनेगी।
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चीन ने तीन बच्चों की नीति को दी हरी झंडी 
जनसांख्यिकीय संकट को बड़े पैमाने पर दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसे 2016 में खत्म कर दिया गया था। इसके बाद चीन ने सभी जोड़ों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी। पिछले साल चीन ने एक संशोधित जनसंख्या और परिवार नियोजन कानून पारित किया, जिसमें चीनी जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दी गई। साथ ही बढ़ती लागत के कारण अधिक बच्चे पैदा करने के लिए जोड़ों की अनिच्छा को दूर करने और लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने हेतु प्रेरित करने के लिए कई प्रोत्साहनों की घोषणा की।  
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