अमेरिकी अधिकारियों को ताइवान यात्रा से नहीं रोक सकते : नैंसी
अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने शुक्रवार को अपने एशियाई दौरे के अंतिम चरण में जापान में कहा कि चीन, अमेरिकी अधिकारियों को ताइवान की यात्रा करने से नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा, चीन की इस कार्रवाई पर अमेरिका इस स्व-शासित द्वीप को अलग-थलग नहीं होने देगा। पेलोसी ने चीन के कड़े विरोध के बावजूद ताइवान की यात्रा की है। वह 25 वर्षों में ताइवान की यात्रा करने वाली अमेरिकी संसद की पहली अध्यक्ष हैं।
पेलोसी से मिले जापानी पीएम, बोले- चीनी अभ्यास गंभीर समस्या
जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि ताइवान की ओर लक्षित चीन का सैन्य अभ्यास एक ‘गंभीर समस्या’ को दिखाता है। इससे क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को खतरा है। किशिदा ने अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी और कांग्रेस के उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ सुबह के नाश्ते के बाद कहा कि मिसाइल प्रक्षेपणों को तुरंत रोके जाने की जरूरत है। जापानी रक्षामंत्री नोबुओ किशी ने भी चीन द्वारा दागी गई मिसाइलों के जापानी विशेष आर्थिक क्षेत्र में भी गिरने को राष्ट्रीय सुरक्षा और जापानी लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
ताइवान पर मिसाइलें दागना अनुचित : अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि ताइवान क्षेत्र में चीनी मिसाइलों की लांचिंग और सैन्याभ्यास में अनुचित रूप से वृद्धि की गई है। उन्होंने ताइवान क्षेत्र में मिसाइल दागने को गलत बताते हुए इस कार्रवाई को तुरंत रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, चीन की कार्रवाई उकसावे को बढ़ाने वाली है जिसका कोई औचित्य नहीं है।
चीन ने ताइवान पर बयान को लेकर यूरोपीय राजनयिकों को तलब किया
चीन ने कहा कि उसने सात देशों के समूह (जी-7) द्वारा जारी बयान और यूरोपीय संघ द्वारा ताइवान के आसपास उसके सैन्य अभ्यासों की आलोचना करने पर विरोध दर्ज कराने के लिए यूरोपीय राजनयिकों को तलब किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उप-मंत्री देंग ली ने चीन के आंतरिक मामलों में अवांछित दखल को लेकर ‘गंभीर विरोध-पत्र’ दिया है। देंग ने कहा, चीन किसी भी कीमत पर देश को विभाजित होने से रोकेगा। उन्होंने पेलोसी की ताइवान यात्रा को घोर राजनीतिक जोड़तोड़ और चीनी संप्रभुत्त्ता तथा क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन बताया।