चीन का असली इरादा ताइवान पर आक्रमण
ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा कि चीन का असली इरादा ताइवान पर आक्रमण करना है और यह युद्धाभ्यास उसी की तैयारी है। इस अभ्यास के जरिये चीन चाहता है कि अन्य देश ताइवान की मदद के लिए आगे न आएं। यह अभ्यास ताइवान से परे चीन की भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। बता दें, ताइवान को अपना क्षेत्र बताते हुए चीन लंबे समय से कहता आया है कि यदि जरूरी हुआ तो वह द्वीप को बलपूर्वक अपने में शामिल कर लेगा।
ताइवान को अलग हुआ प्रांत मानता है चीन
ताइवान को चीन एक अलग हुए प्रांत के रूप में देखता है जिस पर जरूरत पड़ने हुई तो वह सैन्य नियंत्रण का सपना देखता है। हालांकि ताइवान एक स्व-नियंत्रित द्वीप है जो खुद को चीन से अलग समझता है। ताइवान के आसपास नई गतिविधियों की शुरुआत तब हुई, जब चीन के समुद्र तटीय प्राधिकरण ने घोषणा की कि इन अभ्यासों को अन्य स्थानों पर भी किया जाएगा।