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भारत के आगे झुका ड्रैगन: चीन ने श्रीलंका में एनर्जी प्लांट प्रॉजेक्ट को किया निलंबित

Fri, 03 Dec 2021 02:08 PM IST
मुकेश कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

चीनी दूतावास के मुताबिक, चीन ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते इस परियोजना पर रोक लगा दी। वहीं, चीनी कंपनी ने अब इस परियोजना के लिए मालदीव सरकार के साथ करार किया है।
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भारत-चीन - फोटो : pixabay
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विस्तार
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चीन ने श्रीलंका के उत्तरी प्रांत में हाइब्रिड ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की एक परियोजना को निलंबित कर दिया है। चीनी दूतावास ने इस बात की जानकारी दी। दूतावास ने ट्वीट कर कहा, 'साइनो सोर हाइब्रिड टेक्नोलॉजी ने तीसरे पक्ष की तरफ से सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताए जाने के कारण इस परियोजना पर रोक लगा दी है।

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका ने जनवरी में चीनी फर्म सिनो सोअर हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को जाफना तट से दूर डेल्फ्ट, नागादीपा और अनलथिवु द्वीपों में एक हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। भारत ने इन द्वीपों पर चीन की मौजूदगी को लेकर चिंता व्यक्त की थी। 

वहीं, पिछले महीने श्रीलंका ने कोलंबो पोर्ट के पूर्वी कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट चीन की कंपनी को दिया। मगर यह कॉन्ट्रैक्ट पहले भारत और जापान को दिया जाना था लेकिन श्रीलंका ने इस त्रिपक्षीय सौदे को रद्द कर दिया। यह अनुबंध सहायक विद्युत आपूर्ति विश्वसनीयता सुधार परियोजना का हिस्सा था। 
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श्रीलंकाई सूत्रों ने बताया कि चीन ने जाफना के डेल्फ्ट, नैनाथिवु और अलनाथिवु द्वीपों में परियोजना के लिए बोली जीती थी। ये तीनों द्वीप भारत के निकट स्थित हैं। वहीं, चीनी दूतावास ने कहा कि चीनी कंपनी ने अब मालदीव के 12 द्वीपों में 12 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए मालदीव सरकार के साथ 29 नवंबर को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

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