चीन ने एक बार फिर बातचीत के जरिए लद्दाख सीमा विवाद सुलझाने की बात कही है। हालांकि सीमा पर उसके सैनिकों का जमावड़ा पहले की ही तरह लगा हुआ है। चीन ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ सीमा पर समग्र स्थिति स्थिर और नियंत्रणीय है। इसके अलावा दोनों देशों के पास बातचीत और परामर्श के जरिए मुद्दों को हल करने के लिए बहुत सारे संचार माध्यम उपलब्ध हैं। यह टिप्पणी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने की है।
यह टिप्पणी ऐसे समय पर की गई है जब दोनों देशों की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर झड़प की खबरें सामने आई हैं। झाओ ने कहा कि चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच सहमति को लागू करता रहा है। हम अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा के साथ-साथ सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत सीमा मुद्दे पर अपनी गरिमा को नुकसान नहीं पहुंचने देगा। इसके बारे में सवाल पूछे जाने पर झाओ ने कहा, ‘अब हमारे सीमा क्षेत्रों में समग्र स्थिति स्थिर और नियंत्रणीय है। हमारे पास बहुत सारे संचार चैनल हैं और हमें आशा और विश्वास है कि बातचीत और परामर्शों के माध्यम से हम संबंधित मुद्दे को ठीक से हल कर सकते हैं।’
इससे पहले बुधवार को भारत ने कहा था कि वह चीन के साथ जारी सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा सकता है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों एशियाई देशों के बीच दशकों से जारी सीमा विवाद को हल करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की पेशकश की थी। जिसे दोनों ही देशों ने ठुकरा दिया।
ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था, ‘हम शांति से इस मुद्दे को हल करने के लिए चीनी पक्ष के साथ चर्चा कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक दोनों स्तरों पर ऐसे तंत्र स्थापित किए हैं जो बातचीत के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति स्थापित कर सकते हैं।’
चीन को है सड़क निर्माण पर आपत्ति
दरअसल, चीन ने लद्दाख में गलवां नदी के आसपास भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। सूत्रों के मुताबिक सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। इसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे।
सीमा पर सैनिकों की तैनाती भी बढ़ी
इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता ही गया। इसी वजह से गुरुवार को दोनों देशों ने सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी है। सैनिकों के बीच हुई तीखी झड़प के करीब दो सप्ताह बाद बुधवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए लद्दाख में गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी गई।