चीन का चांद अन्वेषण मिशन ‘चांग'ई-7 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पर्यावरण और संसाधन सर्वेक्षण करेगा। यह मिशन इस साल के अंत में लॉन्च किया जाएगा। यह जानकारी चीन की मानव अंतरिक्ष एजेंसी ने शनिवार को दी है।
मिशन का उद्देश्य क्या है?
चीनी आधिकारिक मीडिया एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो के हवाले से बताया कि इस मिशन में परिक्रमा, लैंडिंग, रोविंग और हॉपिंग सहित एक व्यापक अन्वेषण दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को लक्षित करने वाले इस रोबोटिक मिशन का उद्देश्य जल बर्फ की खोज करना और भविष्य के अनुसंधान अड्डे के लिए उस क्षेत्र का आकलन करना है।
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मिशन की तैयरियां जारी
अप्रैल में, चांग'ई-7 चंद्रयान को दक्षिणी द्वीप प्रांत हैनान में स्थित प्रक्षेपण स्थल पर पहुंचाया गया, जहां इसकी प्रक्षेपण-पूर्व तैयारियां चल रही हैं। झांग ने बताया कि इससे संबंधित सभी कार्य योजना के अनुसार सुचारू रूप से आगे बढ़ रहे हैं। 2023 में, भारत चंद्रयान-3 के लैंडर के साथ प्रज्ञान रोवर को लेकर चंद्रमा के कम खोजे गए दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के निकट उतरने वाला पहला देश बन गया।
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चीन का 2030 तक क्या मिशन?
अगले वर्ष, चीन के चांग'ई-6 चंद्रयान ने चंद्रमा के अनछुए दूर के हिस्से से पहली बार नमूने एकत्र करने का मिशन पूरा किया। इसके बाद पृथ्वी पर लौट आया। चीन का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा पर मानवयुक्त अंतरिक्ष यान उतारना भी है। झांग के अनुसार, देश ने अपने मौजूदा मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग और मानवरहित चंद्र अन्वेषण प्रयासों को एक एकीकृत कर लिया है,।