महाशक्ति बनने के साथ ही परिष्कृत और बढ़ी जासूसी क्षमताएं
चीन जैसे-जैसे चीन एक वैश्विक महाशक्ति के तौर पर उभर रहा है, उसकी जासूसी तकनीकें और भी आधुनिक हो गई हैं। अब उसका मकसद महज अपने देश के सरकारी राज चुराना ही नहीं, बल्कि जनमत को प्रभावित करना, तकनीक चुराना और विदेशी धरती पर असहमति की आवाजों को दबाना है। यूरेशियन टाइम्स ने चीनी खुफिया जानकारी का मुकाबला करने में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले पूर्व अमेरिकी राजनयिक जिम लुईस के हवाले से लिखता है, एमएसएस का पहला निशाना कोई विदेशी सरकार नहीं है, बल्कि अमेरिका दूसरे स्थान पर है। इसका पहला और अहम लक्ष्य विदेशों में बसे चीनी नागरिक हैं, खासतौर से अमेरिका में रहने वाले चीनी लोग।
ये भी पढ़ें: NDA Meet: राजग की बैठक में पीएम मोदी ने नेताओं को दी नसीहत; बिहार चुनाव और सुशासन के मसले पर भी हुआ मंथन