पाकिस्तान-चीन (सांकेतिक तस्वीर)
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बलूचिस्तान प्रांत में चीनी नागरिकों के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद चीन भड़क गया है। उसने शनिवार को पाकिस्तान से प्रभावी कदम उठाने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहे उसके नागरिकों पर हमले रोकने के लिए सुरक्षा तंत्र में बदलाव करने को कहा है। ग्वादर क्षेत्र में हुए इस हमले के दौरान पास में खेल रहे दो बच्चों की मौत हो गई जबकि एक चीनी नागरिक घायल हो गया।
बता दें कि इससे दो सप्ताह पहले दासू बांध की तरफ जा रहे चीनी इंजीनियरों की एक बस में हमला किया गया था जिसमें चीन के 9 इंजीनियर मारे गए और 21 लोग घायल हो गए थे। वर्तमान घटना शुक्रवार देर रात बलूचिस्तान विधानसभा और उच्च न्यायालय के पास क्वेटा के हली रोड चौराहे पर एक मोटरसाइकल बम धमाके के साथ हुई। चीन ने इस धमाके की कड़ी निंदा की है।
पाक स्थित चीनी दूतावास ने आपात योजना शुरू करते हुए अपराधियों के खिलाफ गहन जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। चीन ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाक सरकार कड़ी व्यवस्था करे। चीन ने चेताया कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली है। हमले में चीनी नागरिकों के काफिले में चार वाहन शामिल थे।
सीपीईसी का विरोध जारी
पाकिस्तान में चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के लिए चीन ग्वादर बंदरगाह पर अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। वह इसे एक व्यापारिक हब के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है जो चीनी बेल्ट एंड रोड का हिस्सा है। जबकि इस परियोजना का बलूचिस्तान में घोर विरोध हो रहा है। बलूच कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में बिजली-पानी की कमी को लेकर प्रदर्शन किए और इन हालात के लिए चीन को दोषी ठहराया।