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भारत पर चीन की तिरछी नजर: पड़ोसी देशों से संबंध मजबूत करने की ताक में ड्रैगन; बीजिंग में तीन देशों की बैठक

Fri, 20 Jun 2025 10:39 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।

सार

चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने अच्छे पड़ोसी संबंधों और आपसी विश्वास के आधार पर त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। तीनों देशों की मंत्री स्तरीय बैठक में क्षेत्रीय शांति, आर्थिक विकास और आपसी साझेदारी को मजबूत करने के लिए कार्य समूह बनाने का फैसला लिया गया। यह चीन की रणनीति है, जो भारत के दो पड़ोसियों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है।
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चीन में तीन देशों के मंत्री स्तर की बैठक - फोटो : एक्स/शू फेइहोंग
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विस्तार
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चीन, पाकिस्तान व बांग्लादेश ने अच्छे पड़ोसी, समानता व आपसी विश्वास के आधार पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के उद्घाटन बैठक के दौरान यह समहमति बनी। यह भारत के दो पड़ोसियों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग की नई रणनीतिक चाल है। बांग्लादेश व पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में हाल के दिनों में खटास आई है।

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चीन के उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग, बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश सचिव रूहुल आलम सिद्दीकी और पाकिस्तान के अतिरिक्त विदेश सचिव इमरान अहमद सिद्दीकी ने चीन के दक्षिणी युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग में बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में भाग लिया। यहां चीन का वारिष्क साउथ एशिया एक्सपो का भी आयोजन किया जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के बयान में शुक्रवार को कहा गया कि पाकिस्तानी विदेश सचिव आमना बलूच ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक के पहले चरण में भाग लिया।

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बयान के अनुसार, सन वेइदोंग ने अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश व पाकिस्तान दोनों चीन के अच्छे पड़ोसी, अच्छे मित्र और अच्छे साझेदार हैं। वे बेल्ट एंड रोड (बीआरआई) सहयोग में महत्वपूर्ण साझेदार भी हैं। पाकिस्तान व भारत में चीनी राजदूत रहे सन ने कहा कि चीन, पाकिस्तान व बांग्लादेश के बीच सहयोग तीनों देशों के लोगों के साझा हितों के अनुरूप है। यह क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, विकास एवं समृद्धि में योगदान दे सकता है। बयान के अनुसार, तीनों पक्षों ने चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश त्रिपक्षीय सहयोग पर व्यापक रूप से विचारों का आदान-प्रदान किया। वे बैठक के दौरान बनी सहमति को अमलीजामा पहनाने के लिए एक कार्य समूह स्थापित करने पर राजी हुए।

यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस चीन से घनिष्ठ संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यूनुस पिछले साल शेख हसीना सरकार के पतन के बाद सत्ता में आए। माना जा रहा है कि वह भारत पर निर्भरता कम करने के लिए बीजिंग से मदद मांग रहे हैं। यूनुस ने पाकिस्तान के साथ भी पुराने संबंधों को फिर से जोड़ने की पहल की है, जो 1971 के युद्ध के बाद लगभग टूट चुके थे।
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बयान में मुताबिक, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि त्रिपक्षीय सहयोग का उद्देश्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और आम जनता के जीवन स्तर को सुधारना है। तीनों देशों ने उद्योग, व्यापार, समुद्री मामलों, जल संसाधन, जलवायु परिवर्तन, कृषि, मानव संसाधन, शोध संस्थानों, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने और लागू करने का निर्णय लिया। वेइदोंग ने अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के उप प्रधानमंत्री हाजी मौलवी अब्दुल सलाम हनाफी से भी मुलाकात की और साथ ही बांग्लादेश और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय बैठकें कीं।

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