ब्रिक्स एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें चीन, भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस साल अगस्त में जोहान्सबर्ग में होने वाला है।
रूस-यूक्रेन का संघर्ष अब तक रुकने का नाम नहीं ले रहा है, उसका अंत कहां जाकर होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। युद्ध कैसे भी रुक जाए इसके लिए तमाम ताकतवर मुल्कों ने पुतिन पर प्रतिबंध भी लगाए, लेकिन उनका इसपर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इसको लेकर ही चीन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका सुरक्षा बढ़ाने में मदद की पेशकश की है।
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15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस साल अगस्त में जोहान्सबर्ग में होगा
ब्रिक्स एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें चीन, भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस साल अगस्त में जोहान्सबर्ग में होने वाला है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। आईसीसी ने मार्च में पुतिन के खिलाफ बच्चों के अवैध निर्वासन और यूक्रेन के क्षेत्र से लोगों को रूसी संघ में स्थानांतरित करने का आरोप लगाते हुए एक वारंट जारी किया था।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा में सहयोग के लिए दोनों देश तैयार
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस मंत्री भेकी सेले ने गुरुवार को यहां चीनी सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री वांग शियाओहोंग के साथ बातचीत की थी। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार वार्ता के दौरान, वांग ने सेले से कहा कि चीन दक्षिण अफ्रीका के साथ दोनों देशों के प्रमुखों के बीच बनी सहमति को ईमानदारी से लागू करने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सुरक्षा में व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार है।
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चीन ने 40 देशों के साथ सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन समझौतों पर हस्ताक्षर किए
दक्षिण अफ्रीका उन 40 अफ्रीकी देशों में शामिल है, जिनके साथ चीन ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। खबर के अनुसार सेले ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका चीन के साथ कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है ताकि द्विपक्षीय संबंधों को लगातार आगे बढ़ाया जा सके।