एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह के साथ बातचीत में ताइवान के विदेश मंत्री ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में दखल रखने वाले देशों को क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत से उत्पन्न चुनौती से निपटने के लिए साथ आना चाहिए। ताइवान चीनी खतरे से निपटने में अपना अनुभव साझा करने के लिए भी तैयार है।
ताइवानी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को चीन से लगी उत्तरी सीमा पर भी खतरे का सामना करना पड़ रहा है। उसे न केवल सैन्य खतरा, बल्कि हिंद महासागर से भी भारत को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अब समय आ गया है कि लोकतांत्रिक देशों को चीन की साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। दरअसल, चीन ताइवान के अपना क्षेत्र होने का दावा करता है।