चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का वर्चस्व बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सैन्य रिजर्व बल को 1 जुलाई से अपने नियंत्रण में ले लिया है। दरअसल इस बल को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के केंद्रीकृत और एकीकृत नियंत्रण में रखा गया है और इन दोनों के प्रमुख राष्ट्रपति जिनपिंग ही हैं।
चीन ने टकराव की विदेश नीति अपनाई है। वह कोरोना महामारी का फायदा उठाकर पूरी दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाने में लगा है। हालांकि, हाल ही में सीमा पर भारत के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई चीन की रणनीतिक भूल है। एक अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया ने वाशिंगटन पोस्ट में अपनी इन टिप्पणियों से चीन पर निशाना साधा है।
जकारिया ने कहा, ऐसे समय में जब अमेरिका कोरोना महामारी की चुनौतियों से जूझ रहा है, कई विशेषज्ञों ने चेताया है कि चीन इस हालात का फायदा उठाकर पूरी दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाने में लगा है। गलवां घाटी में चीन की इस हरकत से दोनों देशों के बीच अरसे तक विवाद बना रहेगा।