अगस्त के महीने में जैसे ही रूस ने सबसे पहले घोषणा की थी कि हमने कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार कर ली है, ऐसे में विश्व भर के लोगों को लगा कि कोरोना को मात देने के लिए रूस सबसे तेजी से काम कर रहा है। लेकिन अब ताजा जानकारी आ रही है कि वैक्सीन रेस में चीन सबसे आगे निकल गया है।
रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन का ट्रायल पहुंचा तीसरे चरण में
रूस के गामेलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा इस वैक्सीन का निर्माण किया जा रहा हैा। इस वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण में पहुंच चुका है।
ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका वैक्सीन
कंपनी एस्ट्रोजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी मिलकर इस वैक्सीन पर काम कर रहा है और इसका ट्रायल भी तीसरे चरण में पहुंच चुका है।
ऑस्ट्रेलिया की बार्क वैक्सीन
र्धोच चिल्ड्रेन रिसर्च इंस्टीट्यूट बार्क के नाम से वैक्सीन विकसित कर रहा है और इसका ट्रायल भी तीसरे चरण में पहुंच चुका है।
रूस की वैक्सीन रह चुकी है विवादों में
अगस्त के महीने में रूस ने जैसे ही यह दावा किया कि उनके वैज्ञानिकों ने दुनिया में सबसे पहले कोरोना के खिलाफ सुरक्षित वैक्सीन स्पुतनिक-वी तैयार कर ली है। हालांकि इसे लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। डब्ल्यूएचओ सहित दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने इस वैक्सीन के निर्माण में तय मानकों के उल्लंघन की बात कही है। साथ ही इसके गंभीर परिणाम मिलने की चेतावनी भी दी है।