जापान ने प्रशांत महासागर में अपने एक सुदूर द्वीप के पास चीनी नौसेना के युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर) के लाइव-फायर (गोला-बारूद के साथ) अभ्यास पर चिंता व्यक्त की है। यह अभ्यास रूस के साथ चीन के संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान रविवार को किया गया था। जापानी अधिकारियों ने बताया कि चीन के लुआंग III-क्लास गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने जापान के सबसे दक्षिणी द्वीप ओकिनोटोरी के पास यह अभ्यास किया। इससे कुछ घंटे पहले ही जापानी नौसेना ने इस युद्धपोत को दो अन्य चीनी युद्धपोतों और एक रूसी फ्रिगेट के साथ देखा था।
जापान सरकार की प्रतिक्रिया
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार ने इस अभ्यास को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस लाइव-फायर अभ्यास से आसपास के जहाजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि अभ्यास शुरू होने से ठीक पहले चीनी युद्धपोतों ने क्षेत्र के पास मौजूद जहाजों को एक नोटिस भेजा था। किहारा ने कहा कि जापान अपने हवाई क्षेत्र और क्षेत्रीय जल सीमा की निगरानी पूरी मुस्तैदी से करेगा और चीन-रूस की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
चीन और रूस का बढ़ता सैन्य सहयोग
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने ब्रिटेन में एक भाषण के दौरान कहा कि यह कार्रवाई चीन और रूस के बीच गहरे होते सैन्य सहयोग को दर्शाती है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में एक पनडुब्बी से चीन के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण और जापान के आसपास चीनी और रूसी बमवर्षक विमानों की कम से कम 10 संयुक्त उड़ानों का भी जिक्र किया। जापान प्रशांत क्षेत्र में चीन के तेजी से बढ़ते अभियानों से चिंतित है। पिछले साल भी दो चीनी विमानवाहक पोतों को जापान के एक अन्य दक्षिणी द्वीप इवोजिमा के पास देखा गया था।
विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में अभ्यास
रविवार को हुआ यह लाइव-फायर अभ्यास ओकिनोटोरी द्वीप से 180 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर किया गया था। यह ऐसा क्षेत्र है जहां देश को प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार प्राप्त हैं। जापानी सेना के संयुक्त स्टाफ ने कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने जापानी ईईजेड में चीनी लाइव-फायर अभ्यास का पता चलने की जानकारी सार्वजनिक की है, हालांकि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है। इससे पहले इन चारों चीनी और रूसी युद्धपोतों के बेड़े ने जापान के मुख्य द्वीपों ओकिनावा और मियाको के बीच दक्षिण की ओर नौकायन किया था।
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चीन का रुख और विवाद
चीन ने पहले कहा था कि उसने 13 जुलाई को रूस के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास पूरा कर लिया है और कुछ जहाज प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त गश्त कर रहे हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, लाइव-फायर अभ्यास चीन के पूर्वी तट पर किंगदाओ शहर के पास आयोजित किए गए थे, जो ओकिनोटोरी से बहुत दूर है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग बिन ने कहा कि चीन-रूस सैन्य सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए है। उन्होंने अन्य देशों से इस सहयोग को निष्पक्ष रूप से देखने और निराधार अटकलें लगाने से बचने को कहा। चीन ओकिनोटोरी द्वीप के आसपास जापान के ईईजेड के दावे का भी विरोध करता है और इसे द्वीप के बजाय एक एटोल (मूंगा द्वीप) मानता है।