एक तरफ चीन कोरोना को लेकर पूरी दुनिया के निशाने पर है, वहीं अपने देश में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए एक श्वेतपत्र जारी किया गया है।
इसमें कहा गया है शी जिनपिंग ने पहले दिन से ही कोरोना को रोकने और इसे काबू में करने को लेकर बेहद गंभीर रहे और ठोस कदम उठाए।
चीन के सूचना विभाग की ओर से जारी श्वेतपत्र में कहा गया है कि जिनपिंग ने पूरे देश में इसे फैलने से रोका। इसके लिए जिनपिंग खुद कई बार वुहान गए और सबके साथ मिलकर पूरे अभियान को बेहद करीब से जांचा परखा और जरूरी निर्देश दिए।
जिनपिंग राष्ट्रपति होने के साथ ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन भी हैं और इसके नाते उन्होंने पार्टी से लेकर सरकार और मिलिट्री कमीशन की 14 बैठकों की अध्यक्षता की।
साथ ही कोरोना को लेकर होने वाले रिसर्च और इसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की बेहद बारीकी के साथ समीक्षा की।
जाहिर है कि अपने देश के सबसे शक्तिशाली नेता और चीन को एक नए मुकाम पर पहुंचाने वाले शी जिनपिंग के नेतृत्व की वहां की तमाम संस्थाएं तारीफ ही करेंगी।
लेकिन चीनी नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, दवाइयां और उचित देखभाल का तत्काल बंदोबस्त करने और अपने देश की सेना और पार्टी को इसमें पूरी मुस्तैदी से लगा देने का ही नतीजा है कि चीन सबसे पहले इससे मुक्त होकर अपने विकास और अर्थव्यवस्था की मजबूती में लग गया है।
तमाम देशों और खासकर अमेरिका की गंभीर आलोचनाओं का शिकार चीन दुनिया को ये बताने में लगा है कि उसने इस वैश्विक बीमारी के वायरस को रोका है, फैलाया नहीं है।