आर्थिक मोर्चे पर खुद को फिर से खड़ा करने में गंभीरता से लगा चीन अब दुनिया को ये संदेश देने में लगा है कि उसे अमेरिकी धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिकी राष्ट्रपति जिस तरह तमाम चीनी कंपनियों को अमेरिका में काम करने से रोकने और चीन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कह रहे हैं, उससे निबटने के लिए चीन ने कई और वैकल्पिक रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं।
एक तरफ दक्षिण कोरिया की कंपनियों में काम फिर से शुरू करने के लिए चीन-दक्षिण कोरिया फास्ट ट्रैक एंट्री सिस्टम लागू करते हुए कर्मचारियों के लिए हर तरह की सुरक्षा सुविधाएं मुहैया कराने का काम शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ चीन हांग कांग के जरिये भी अपने व्यापार को मजबूत करने की योजना में लगा है। चीन की धरती पर काम कर रही दक्षिण कोरियाई कंपनियों एसके इनोवेशन और एसके हाईनिक्स में अब कर्मचारियों को तीन स्तरीय कोरोना के टेस्ट से होकर गुजरना पड़ेगा। एक चीन में प्रवेश करने से पहले, दूसरा चीन में प्रवेश करने के बाद और तीसरा एसके प्लांट वाले शहरों में प्रवेश करने के बाद। इन कंपनियों ने चीन के बाजार पर पिछले कई सालों से अपना दबदबा बना रखा है। सेमी कंडक्टर और बैटरी सेक्टर की ये सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार करती हैं।
फिलहाल कोरोना की वजह से चीन ने बाहर से आने वालों के लिए अपने सारे दरवाजे बंद कर रखे हैं। लेकिन दक्षिण कोरिया से आने वाले तमाम कर्मचारियों के लिए खास एहतियात के साथ ये रास्ता खोल दिया गया है ताकि चीन में व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाया जा सके।
उधर, चीन के कई आर्थिक विशेषज्ञों ने दावा किया है कि चीन के पास कई ऐसे रास्ते हैं जिससे अमेरिका की ओर से छेड़े जा रहे
‘आर्थिक युद्ध
’ का मुकाबला किया जा सके। हांगकांग को आर्थिक हब
‘बनाने
’ के लिए विकसित हो रहे हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र को लेकर चीन गंभीर है और इसके जरिये अपनी भावी रणनीति बनाने में लगा है।