फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

LAC: दिल्ली में WMCC बैठक में भारत-चीन में बनी सहमति, सीमा पर हालात को और आसान बनाने के लिए जाएंगे अहम फैसले

Fri, 06 Dec 2024 05:18 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

चीन और भारत ने दिल्ली में हुई 32वीं वर्किंग मैकेनिज़्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूएमसीसी) बैठक में सीमा पर स्थिति को और सुलझाने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने अक्तूबर में हुए समझौते को लागू करने और सीमा पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया।
विज्ञापन
चीन और भारत के झंडे - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और चीन ने सीमा पर तनाव को और कम करने के लिए कदम उठाने और अक्तूबर में हुए समझौते को पूरी तरह लागू करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में हुई बातचीत के एक दिन बाद दी।  
विज्ञापन


शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने पर सहमति
गुरुवार को नई दिल्ली में चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए वर्किंग मेकैनिज्म (डब्ल्यूएमसीसी) की 32वीं बैठक हुई। दोनों पक्षों ने सैन्य और कूटनीतिक माध्यमों से संवाद बनाए रखने और सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। बैठक में सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर हुई प्रगति को सकारात्मक रूप से आंका गया और इन्हें पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही सीमा पर स्थिति को और शांतिपूर्ण बनाने के उपायों पर सहमति बनी।  

पूर्वी लद्दाख में गतिरोध खत्म होने के बाद बैठक
यह बैठक 21 अक्तूबर के उस समझौते के बाद हुई है, जिसमें दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में चार साल से चले आ रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने पर सहमति बनाई थी। बैठक में दोनों देशों के नेताओं की तरफ से तय किए गए महत्वपूर्ण समझौतों को लागू करने और सीमा मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों की आगामी वार्ता की तैयारी पर चर्चा हुई। मामले में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि गुरुवार की बातचीत में दोनों पक्षों ने 2020 में हुए पूर्वी लद्दाख विवाद से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसे तनाव से बचने पर चर्चा की।  
विज्ञापन


21 अक्तूबर को दोनों पक्षों में बनी सहमति
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था। जून 2020 में गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि, 21 अक्तूबर को हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग में अंतिम दो विवादित क्षेत्रों से सेनाओं को हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह गतिरोध समाप्त हो गया। जबकि 23 अक्तूबर को रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बातचीत की और संवाद के कई तंत्रों को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई।  

आगामी विशेष बैठक की तैयारियों पर दिया गया ध्यान
आगामी विशेष प्रतिनिधियों की बैठक की तैयारियों में भी ध्यान दिया गया। भारत की ओर से इस वार्ता के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, जबकि चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी इसका नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में नियमित संवाद और संपर्क को महत्वपूर्ण बताया। इसके अलावा, प्रभावी सीमा प्रबंधन और शांति बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार काम करने पर सहमति हुई। बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी (ईस्ट एशिया) गौरांगलाल दास ने किया, जबकि चीनी दल का नेतृत्व सीमा और समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक होंग लिआंग ने किया। होंग ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी से भी मुलाकात की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें