दक्षिण कोरिया में लगातार बवाल मचा हुआ है। यहां के हालात तब ज्यादा बदतर हो गए, जब तीन दिसंबर की रात राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इमरजेंसी यानी मार्शल लॉ लगाने का एलान किया। उनकी घोषणा के बाद हेलमेट पहने सैनिक संसद भवन में घुस आए और छत पर सेना के हेलीकॉप्टर उतरते देखे गए। नेशनल असेंबली यानी वहां की संसद के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हो गए। विरोध के चलते आखिरकार महज कुछ घंटों के भीतर ही राष्ट्रपति को मार्शल लॉ समाप्त करना पड़ा था। इस पूरे विवाद के बीच एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। इसमें वह राइफल लिए सैनिकों से जूझती नजर आईं। महिला के साहस की हर कोई तारीफ करता दिखा। हालांकि, दक्षिण कोरियाई पार्टी की प्रवक्ता ने जोर देकर कहा है कि वह कुछ खास बहादुर नहीं थीं।
190 सांसदों ने सैनिकों को ललकारा
राष्ट्रपति यून सुक योल को इस सप्ताह मार्शल लॉ की अपनी घोषणा को वापस लेने के लिए तब मजबूर होना पड़ा, जब 190 सांसदों ने हेलमेट और बॉडी आर्मर पहने सैनिकों की टुकड़ी को ललकारा। साथ ही सर्वसम्मति से इसे मार्शल लॉ को समाप्त करने के लिए मतदान किया।
महिला का वीडिया हुआ वायरल
वीडियो में 35 साल की पूर्व टीवी एंकर आह्न ग्वि-रयोंग (विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रवक्ता) एक सैनिक के साथ हाथापाई करते और उनकी बंदूक को कसकर पकड़ते हुए दिखाई दे रही हैं। गुरुवार शाम तक यूट्यूब पर इस वीडियो को 12 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था।
मुझे बस सैनिकों को रोकना था: डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रवक्ता
वायरल हो रही वीडियो में आईं प्रतिक्रियाओं पर रयोंग ने कहा, 'मेरा सिर्फ एक ही विचार था कि मुझे उन्हें रोकना था। मैंने उन्हें दूर धकेला, उन्हें दूर भगाया और जो कुछ भी मैं कर सकती थी, वह किया। बहुत से लोग मार्शल लॉ के खिलाफ सैनिकों से लड़ रहे थे, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे भी उन्हें रोकना होगा।'
मंगलवार को जब सांसद एकत्र हुए तो उनके सहयोगियों ने फर्नीचर से गेट को बंद कर दिया। यहां तक कि सभी ने मिलकर एक मानव श्रृंखला बनाई और सैनिकों पर अग्निशामक यंत्र से हमला किया। राष्ट्रपति द्वारा मार्शल लॉ घोषित करने के ढाई घंटे बाद 190 सांसद संसद में पहुंचे और सर्वसम्मति से इसे रोकने के लिए मतदान किया।
सैनिकों पर चिल्लाती दिखी महिला
वीडियो क्लिप में महिला को सैनिकों पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है- 'जाने दो! क्या आपको शर्म नहीं आती?' बाद में पूर्व टीवी एंकर सैनिक की राइफल पकड़ती दिखीं। इस पर सैनिक पीछे हट गए। जब पूछा गया कि क्या आपको पता था कि यह इतना ध्यान लोगों का खींच लेगा, इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रवक्ता ने कहा, 'वहां मुझसे भी ज्यादा बहुत बहादूर लोग थे, जो मार्शल लॉ लगाने वाले सैनिकों के खिलाफ खड़े हुए थे। ऐसे लोग भी थे जो बख्तरबंद वाहनों को बाहर रोकने में भी कामयाब रहे। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि मेरे द्वारा उठाया कदम कुछ खास है।'
लोगों के खिलाफ हथियार इस्तेमाल...
मार्शल लॉ सैनिकों के कमांडर ने गुरुवार को कहा कि उनका लोगों के खिलाफ हथियार इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं था। देश के उप रक्षा मंत्री ने कहा कि सैनिकों को कोई जिंदा गोला-बारूद उपलब्ध नहीं कराया गया।
दक्षिण कोरिया के विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए इस सप्ताहांत मतदान करने की योजना बनाई है। महिला ने कहा, 'मुझे लगता है कि लोगों ने पहले ही दिमाग में राष्ट्रपति योल पर महाभियोग लगा लिया है। कौन मार्शल लॉ घोषित करने वाले राष्ट्रपति पर भरोसा कर सकता है?'