फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

China Restrictions: चीन ने लगाया ऑनलाइन शुभकामनाएं देने पर प्रतिबंध! तिब्बतियों पर इसलिए थोप दिया निर्देश

आशीष तिवारी
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:17 PM IST

सार

तिब्बत के रहने वालों का कहना है कि तिब्बत की सबसे बड़ी और प्रसिद्ध तक्तसेंग लामो कीर्ति मॉनेस्ट्री के प्रमुख मोंक कीर्ति रिनपोचे के जन्मदिन पर दी जाने वाली शुभकामनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा आदेश चीन प्रशासन की ओर से दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - फोटो : सोशल मीडिया


निर्वासन में रह रहे तिब्बती समुदाय का कहना है कि चीनी प्रशासन ने तिब्बती इलाके में रह रहे तिब्बतियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अब अपने निर्वासित धर्मगुरु के जन्मदिन पर ऑनलाइन शुभकामनाएं नहीं दे सकते हैं। निर्वासन में रह रहे तिब्बती समुदाय के लोगों का कहना है कि चीनी प्रशासन इस तरीके से तिब्बत के लोगों की आवाज को न सिर्फ दबाना चाहता है, बल्कि उनके धार्मिक गुरुओं को सम्मान करने में भी रोड़े अटका रहा है। 


तिब्बत के रहने वालों का कहना है कि तिब्बत की सबसे बड़ी और प्रसिद्ध तक्तसेंग लामो कीर्ति मॉनेस्ट्री के प्रमुख मोंक कीर्ति रिनपोचे के जन्मदिन पर दी जाने वाली शुभकामनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा आदेश चीन प्रशासन की ओर से दिया गया है। जानकारों का कहना है कि इस मॉनेस्ट्री से जुड़े हुए हजारों हजार तिब्बतियों ने इस साल प्रमुख मांक का जन्मदिन मनाने की योजना बनाई है। इसके लिए जो लोग न सिर्फ तिब्बत में रहते हैं, बल्कि जो लोग निर्वासन में पूरी दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में रहते हैं, वह सभी लोग एक साथ भिक्षु कीर्ति रिनपोचे का जन्म दिवस मनाना चाह रहे हैं। आयोजन के दौरान लोगों की उपस्थिति भी होगी और बड़ा समारोह भी होगा। इसी को देखते हुए चीनी प्रशासन ने आयोजन पर तो अंकुश लगाया ही है बल्कि ऑनलाइन शुभकामनाओं को देने के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।


निर्वाचन में रह रहे तिब्बतियों के समूह ने यह पूरी जानकारी तिब्बती निर्वासित सरकार को भी दी है। सूत्रों का कहना है कि तिब्बत के लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप में जब धर्मगुरु के जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का संदेश बनना शुरू हुआ, तो उनको चीनी प्रशासन की ओर से धमकियां दी जाने लगी। निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों ने बताया कि कीर्ति रिनपोचे के जन्मदिवस पर दी जाने वाली ऑनलाइन शुभकामनाओं पर न सिर्फ प्रतिबंध लगाया गया है बल्कि किसी भी तरीके के कार्यक्रम को भी तिब्बत में मनाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


दरअसल सूत्रों का कहना है कि इस तरीके के प्रतिबंध लगाए जाने की एक और बड़ी वजह सामने आ रही है। जानकारों के मूताबिक़ इस साल के अंत में तिब्बत के नागवा रीजन में होने वाली चाइनीस कम्युनिस्ट पार्टी की नेशनल कांग्रेस इसी इलाके में होने वाली है। यही वजह है कि चीनी प्रशासन किसी भी तरीके का कोई जोखिम या कोई विरोध पहले से पनपने नहीं देना चाहता है। इस पूरे इलाके में तिब्बती लगातार अपने क्षेत्र को आजाद कराने की ना सिर्फ मांग करते आ रहे हैं बल्कि समय-समय पर आंदोलन का भी रुख अख्तियार करते रहते हैं। क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टी का बड़ा आयोजन इसी जून में होना है। जिस पर न सिर्फ चीन बल्कि पूरी इस इलाके के देशों की निगाहें लगी होंगी। इसलिए चीन प्रशासन किसी भी तरीके की कोई चूक नहीं होने देना चाहता है। निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों का कहना है कि चीनी सरकार किसी भी तरीके के कितने भी प्रतिबंध लगा ले लेकिन तिब्बत को आजाद कराने की उनकी मुहिम धीमी नहीं पड़ने वाली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next