पुलवामा आतंकी हमले और भारतीय सैन्य अड्डे को निशाना बनाए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। क्षेत्रीय तनाव को ध्यान में रखते हुए चीन ने पाकिस्तान आने और जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही चीन ने पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में उड़ान भरने वाले अपने सभी अंतरराष्ट्रीय विमानों का रास्ता भी बदल दिया है। इस बात की जानकारी शुक्रवार को चीन की औपचारिक मीडिया ने दी है।
पाकिस्तान द्वारा हवाईक्षेत्र बंद किए जाने के कारण यूरोप और उत्तर पूर्वी एशिया के बीच प्रमुख रूट प्रभावित हुए हैं। दुनियाभर के हजारों यात्री हवाईअड्डों पर फंसे हुए हैं। ग्लोबल टाइम्स को नागर विमानन विशेषज्ञ ने बताया कि मध्य पूर्व से उड़ान भरने वाले विमान आमतौर पर पाकिस्तान और पाकिस्तान-भारत की सीमा के ऊपर से उड़ते हैं। लेकिन चीन में प्रवेश करने के लिए भारत, म्यांमार या मध्य एशिया पर रीरूट (दिशा बदलना) करना पड़ा रहा है।
बीजिंग के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने बुधवार और गुरुवार को पाकिस्तान आने और जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी थीं। जो उड़ानें शुक्रवार को उड़ान भरने वाली हैं उनका शेड्यूल भी अभी पता नहीं है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हर हफ्ते 22 उड़ानें पाकिस्तान से आती और जाती हैं। इसमें एयर चाइना की दो और पाकिस्तान इंटरनेश्नल एयरपोर्ट की अन्य उड़ानें शामिल हैं।
सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (सीएएसी) ने तुरंत एक आपातकाल प्लान भी लांच किया है। जिससे घरेलू उड़ान कंपनी को सूचित किया जा सके कि उसे वायुसेना को सहयोग करना है, ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सीएएसी ने यात्रियों से कहा है कि योजना बनाने से पहले फ्लाइट से संबंधित जानकारी हासिल करें।
बता दें पुलवामा आतंकी हमले, उसके बाद 35 बार सीजफायर का उल्लंघन करने और भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद जारी है। जिसके चलते कई उड़ानें रद्द की गईं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, बुधवार को एक अन्य ट्वीट में नागर विमानन प्राधिकरण ने कहा था कि वाणिज्यिक उड़ान सेवा आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है, जिसकी शुरुआत कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से की गई। बाद में इस ट्वीट को हटा दिया गया था। गुरुवार की सुबह एक अन्य ट्वीट में प्राधिकरण उड़ानों की आंशिक बहाली के बयान से पीछे हट, उसने कहा कि हवाई क्षेत्र अब भी बंद है।