चीन में बढ़ती आर्थिक मुश्किलों के बीच सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो ने कुछ नए कदम उठाने के संकेत दिए हैं। चीन के प्रॉपर्टी सेक्टर की कर्ज संबंधी समस्याओं के कारण देश का आर्थिक विकास कमजोर पड़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी कि चीनी अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी पड़ने का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
सरकार देगी कर्ज और आर्थिक मदद
चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक इन समस्याओं पर विचार के लिए सोमवार को पोलित ब्यूरो की बैठक हुई। उसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की। बैठक में चीन के सेंट्रल बैंक की तरफ से तैयार एक योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना में पहले से तय लक्ष्यों के मुताबिक व्यापार घरानों को कर्ज देने और रियल एस्टेट सेक्टर की सहायता करने की बात शामिल है।
उस बैठक के बाद चीन के सेंट्रल बैंक- पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए 1.2 ट्रिलियन युवान (188 अरब डॉलर) की रकम जारी करने की घोषणा की। चीनी अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक पोलित ब्यूरो की बैठक में किफायती मकानों के निर्माण को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी, ताकि खरीदारों की जरूरत के मुताबिक आवास तैयार किए जा सकें। पर्यवेक्षकों ने कहा है कि इन उपायों से चीनी अर्थव्यवस्था को कितना लाभ होगा, अभी यह साफ नहीं है।
कोरोना महामारी के कारण विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी होने का असर चीन की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। बार-बार लॉकडाउन होने से भी चीनी कारोबार प्रभावित हुए हैं। इसी बीच देश का रियल एस्टेट सेक्टर संकटग्रस्त हो गया, जो चीनी अर्थव्यवस्था के विकास का एक प्रमुख जरिया रहा है। बीते अक्तूबर में आईएमएफ ने अनुमान लगाया था कि 2022 में चीनी अर्थव्यवस्था की विकास दर 5.6 फीसदी रहेगी। लेकिन सोमवार को आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना ज्योर्जीवा ने कहा कि चीनी की विकास दर घट रही है।
चीन ने नकदी का नल खोला
इन्हीं समस्याओं के बीच चीन ने नए आर्थिक कदमों का एलान किया है। इस घोषणा के बाद बहुराष्ट्रीय इन्वेस्टमेंट बैंक यूबीएस ने कहा कि चीन सरकार ने बाजार में नकदी बढ़ाने का स्पष्ट संकेत दिया है। लेकिन साथ ही पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने यह भी कहा कि मौद्रिक नीति को तार्किक बनाए रखा जाएगा। इससे यह साफ नहीं है कि ताजा घोषित उपायों से कितना लाभ होगा। निवेश एजेंसी कैपिटल इकॉनमिक्स से जुड़े अर्थशास्त्री जुलियन इवान्स प्रिचार्ड ने कहा है कि चीन ने नकदी का नल खोला है, लेकिन यह नकदी की बाढ़ नहीं है। इस कारण इससे आर्थिक विकास दर की गिरावट को नहीं रोका जा सकेगा।
इस बीच चीन के प्रॉपर्टी डेवलपमेंट कारोबार में उथल-पुथल जारी है। चीन की बड़ी रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रैंड ने सोमवार को एलान किया कि वह एक रिस्क मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर रही है। उसका मकसद भविष्य के जोखिमों से बचाव करना होगा। एवरग्रैंड ने ये एलान कंपनी से शेयरों के भाव में 20 फीसदी की गिरावट के बाद किया। इसके पहले रविवार को चीन की एक और बड़ी रियल एस्टेट कंपनी सनसाइन ने कहा था कि वह कर्ज और ब्याज की 17 करोड़ 90 लाख डॉल की रकम समय पर चुकाने में नाकाम रही है।