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चीन: महिलाओं के शोषण के आंकड़े छिपा रहा ड्रैगन, टेनिस खिलाड़ी पेंग मामले ने खींचा था दुनिया का ध्यान

Tue, 01 Mar 2022 11:12 AM IST
सुरेंद्र जोशी एएनआई, बीजिंग

सार

हाल ही में चीन के ज्यांग्सु प्रांत में महिलाओं पर जुल्म के दो मामले सामने आए थे। इनमें से एक पूर्व टेनिस खिलाड़ी पेंग शुहाई के यौन शोषण का और दूसरा एक अन्य महिला का था। इस महिला को एक शिविर में गले में जंजीर बांधकर रखा गया था।
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पेंग शुआई, टेनिस खिलाड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीन में उइगर मुस्लिमों के दमन के किस्से किसी छिपे नहीं हैं। अब महिलाओं के प्रति जुल्म व शोषण के आंकड़े छिपाए जाने की बात सामने आई है। चीनी अधिकारी महिलाओं के प्रति अत्याचारों की खबरें व आंकड़े उजागर नहीं होने देते। चीन की केंद्रीय सरकार से लेकर स्थानीय स्तर तक महिलाओं के शोषण के आंकड़ों को दबाया जाता है। 
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हाल ही में चीन में महिलाओं पर जुल्म के दो मामले सामने आए थे। इनमें से एक पूर्व टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई के यौन शोषण का और दूसरा एक अन्य महिला का था। इस महिला को ज्यांग्सु प्रांत के एक शिविर में गले में जंजीर बांधकर रखा गया था। इन घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया था। इससे चीन में महिलाओं की दयनीय स्थिति सामने आई थी। कनाडा स्थित थिंक टैंक इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट्स एंड सिक्युरिटी (IFFRAS) की एक रिपोर्ट में यह बातें कही गई हैं। 

इफ्रास के अनुसार नवंबर 2021 में पेंग ने चीन की सोशल साइट वीबो पर चीन के पूर्व उपप्रधानमंत्री जांग गाओली पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके तुरंत बाद पेंग कई हफ्तों तक लापता हो गई थी। आरोप लगाने के बाद यह पोस्ट डिलीट भी कर दी गई थी। पेंग इसके बाद 2022 के बीजिंग विंटर ओलंपिक में ही सामने आई थी। इसके बाद पेंग ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी पर आरोप नहीं लगाए। 35 साल की पेंग शुआई चीन के थियानजिन में रहती हैं।  पेंग ने महिला डबल्स में अपने करियर को ऊंचाई दी और दो ग्रैंड स्लैम जीते। वह फरवरी 2014 में पहली बार डबल्स में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनी थी।

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ज्यांग्सु प्रांत के एक शिविर में गले में चेन से बंधी मिली महिला तो वर्षों से यौन शोषण की शिकार हो रही थी। इसी दुराचार-अत्याचार के दौरान उसने आठ बच्चों को जन्म दिया।  चीन के अधिकारियों ने इन पीड़िताओं को न्याय दिलाने में कोई रुचि नहीं दिखाई और उल्टा इनके केस दबाने के प्रयास किए।  यहां तक कि चीन के सोशल मीडिया से इनसे संबंधित पोस्टों को भी हटवा दिया गया।

चीन में मानव तस्करी का सबसे गंभीर व बड़ा नेटवर्क है। 2016 में चीन में लापता लोगों की संख्या 39 लाख से ज्यादा थी, जबकि 2020 में यह 10 लाख थी। एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार लापता लोगों में अधिकांश महिलाएं हैं और ये अल्पसंख्यक समुदाय की हैं। इनकी तस्करी की जोखिम सबसे ज्यादा है। 

महिलाएं हुई एक बच्चा नीति की शिकार
चीन में 1980 के दशक में लागू एक बच्चा नीति की सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं हुईं। इससे आज हालात यह हो गए कि चीन में महिलाओं की संख्या के मुकाबले 30 लाख पुरुष ज्यादा हैं। इस कारण महिलाओं के शोषण व तस्करी के मामले बढ़ गए हैं। 

इस रिपोर्ट में निष्कर्ष बतौर कहा गया है कि दुनियाभर में महिलाएं जंजीरों में जकड़ी हुई हैं, कुछ पितृसत्तात्मक समाज के चलते तो कुछ सरकारों की नीतियों के कारण। कुछ जंजीरें ऐसी हैं जो दिखाई नहीं देतीं। 

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