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China: दुर्लभ धातुओं को लेकर चीन का प्रतिबंध पाकिस्तान से अलग? अमेरिका से तनाव के बीच ड्रैगन ने साफ किया रुख

Mon, 13 Oct 2025 09:11 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

दुर्लभ धातुओं पर अमेरिका-चीन तनातनी के बीच चीन ने साफ किया कि उसके निर्यात प्रतिबंधों का पाकिस्तान द्वारा ट्रंप को दिए गए नमूनों से कोई लेना-देना नहीं है। चीन ने विदेशी कंपनियों पर सैन्य इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सख्ती की है। उसने कहा कि पाकिस्तान से दोस्ती अटूट है, चाहे वह अमेरिका से संबंध बढ़ाए।

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दुर्लभ धातुओं को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। ऐसे में एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए चीन ने ये सपष्ट कर दिया कि उसने दुर्लभ धातुओं और उनकी तकनीकों के निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन इसका पाकिस्तान के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इन धातुओं के नमूने देने से कोई संबंध नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती मजबूत है और पाकिस्तान के अमेरिका के साथ संबंध बढ़ाने के बावजूद यह दोस्ती बरकरार रहेगी।

बता दें कि चीन ने हाल ही में दुर्लभ पृथ्वी की खनिजों पर अपने नियंत्रण को बढ़ाया है, क्योंकि वह मानता है कि कुछ विदेशी कंपनियां इन धातुओं का सैन्य इस्तेमाल कर रही हैं। चीन विश्व की करीब 70% दुर्लभ धातुओं की खनन क्षमता रखता है और 90% की प्रोसेसिंग करता है, इसलिए यह इन धातुओं का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

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चीन ने साफ किया पाकिस्तान और अमेरिका के बीच क्या हुआ?
धातुओं को लेकर इससे पहले अफवाहें चलीं कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को दिए गए धातु के नमूने दुर्लभ धातुएं हैं। हालांकि अब इस मामले में चीन ने स्पष्ट किया कि ये नमूने जेम के रत्न हैं, दुर्लभ धातुएं नहीं। लिन ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती हर मौसम की रणनीतिक साझेदारी है, जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है। चीन के प्रतिबंध कानूनी कार्रवाई हैं, जो विश्व शांति, क्षेत्रीय स्थिरता और गैर-प्रसार जैसे अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के लिए हैं।
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अमेरिका का सख्त कदम

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गौरतलब है कि यह बयान चीन ने उस वक्त दिया है जब अमेरिका ने चीन के इस कदम पर कड़ा रुख अपनाया है और व्यापारिक टकराव बढ़ने की आशंका जताई है। दूसरी ओर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच खनन सहयोग की बातचीत हो रही है और पाकिस्तान ने आश्वासन दिया है कि उसका अमेरिका के साथ व्यापार चीन के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

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