चीन में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से फैल रहे हैं। कोविड महामारी की नई लहर से एक बार फिर लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। बीजिंग में सोमवार को दो और लोगों की कोविड-19 से मौत हो गई। चीन की राजधानी में कोविड-19 की नई लहर से यह पहली आधिकारिक मौत है।
जीरो-कोविड नीति का बड़े पैमान पर विरोध होने के बाद चीन की सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कोविड को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों में ढील दी थी। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, चीन के कई शहर वर्तमान में ओमिक्रॉन के BA.5.2 और BF.7 वैरिएंट से प्रभावित हैं। जो काफी संक्रामक है और तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग ओमिक्रॉन के BF.7 वैरिएंट के प्रभाव से जूझ रहा है। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों का कहना है कि यह सबसे तेजी से फैलने वाला कोविड वायरस है और शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है क्योंकि हजारों लोग इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डेल्टा वायरस के उलट, BF.7 वैरिएंट से गले में गंभीर संक्रमण, शरीर में दर्द, तेज बुखार होता है, लेकिन जानलेवा नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक, बीजिंग की 70 फीसदी से ज्यादा आबादी इस वायरस की चपेट में आ चुकी है और लाखों लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया है।
लोग एंटीजन किट खरीदने को मजबूर
कोरोना संकट के बीच चौंकाने वाली बात यह है कि चीन संक्रमण के मामलों की गिनती नहीं कर पा रहा है, क्योंकि उसने लगभग दो सप्ताह तक सार्वजनिक परीक्षण बंद कर दिया था। नतीजा यह हुआ है कि लोग खुद से परीक्षण करने के लिए एंटीजन किट खरीदने के लिए मजबूर हैं, जिसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है।
हांगकांग विश्वविद्यालय में महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख बेंजामिन काउलिंग ने चीन में कोविड से मौत की रिपोर्ट के बारे में कहा कि प्रतिबंधों में ढील के बाद से रिपोर्ट की गई मौतों की संख्या हमारी उम्मीद से थोड़ी कम है, क्योंकि चीन में पीसीआर टेस्टिंग बहुत कम हो रही है।