चीन में कोरोना महामारी से हालात बेहद चिंताजनक हैं। हालांकि चीन की सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है लेकिन अब सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन के श्मशान गृहों में भारी भीड़ जुट रही है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है, जिसके चलते श्मशान गृहों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चीन की सरकार ने हाल ही में देश में जारी कोरोना प्रतिबंधों को भी हटा लिया था। इससे भी वहां कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
पिछले दिनों दुनियाभर में चीन के भीतर कोविड-19 से होने वाली बेतहाशा मौतों और संक्रमितों पर रिपोर्ट जारी की गईं लेकिन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने ही आंकड़े जारी किए, जो 2019 से अब तक 5,200 के आसपास ही रहे। लेकिन अब उपग्रह तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन के श्मशान गृहों पर भारी भीड़ जुट रही है। माना जा रहा है कि यह भीड़ श्मशान गृहों पर मृतकों को लाए लोगों की कतारों की है।
ये तस्वीरें मैक्सार टेक्नोलॉजीस ने जारी की हैं। वाशिंगटन पोस्ट की खबर के अनुसार, चीन के चेंगदू शहर के एक श्मशान घाट में तो अंतिम समय में अपनों को याद करने करने की प्रथा भी बंद करा दी गई है। हालात इतने विकट हैं कि हर परिवार को अपने प्रियजनों को अंतिम अलविदा कहने के लिए सिर्फ 2-2 मिनट का समय दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग के श्मशान गृहों में शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रतीक्षा चल रही है। उपग्रह तस्वीरों में, चीन के 6 अलग-अलग शहरों, जिनमें उत्तर में बीजिंग, पूर्व में नानजिंग और दक्षिण पश्चिम में चेंगदू और कुनमिंग में श्मशान गृहों पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है। यहां श्मशान गृहों में काम करने वाले लोग भी काफी व्यस्त हैं। चोंगकिंग नामक शहर के एक श्मशान गृह की रिसेप्शनिस्ट का कहना है कि बीते 6 सालों में वह कभी भी इतनी व्यस्त नहीं रही। श्मशान गृहों पर शवों को रखने के फ्रीजर पूरी तरह भर चुके हैं और अंतिम संस्कार का काम दिन रात चल रहा है। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन में अभी तक कोरोना से 10 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई है।
अब भी आंकड़े छिपा रही चीन सरकार
चीन की सरकार वास्तविक जमीनी हालात पूरी दुनिया से छिपाती रही है और अभी भी कोरोना से मौत के सही आंकड़े छुपाने में जुटी है। चीन का कहना है कि 7 दिसंबर से चीन में कोविड-19 से 40 लोगों की मौत हुई है। दिसंबर से चीन की सरकार सिर्फ उन्हीं लोगों की मौत का कारण कोविड को मान रही है, जिनकी मौत फेफड़ों की समस्या के चलते हुई, फिर चाहे वो कोरोना संक्रमित थे या नहीं। सरकार ने महामारी से अब तक 5,200 लोगों की मौत का दावा किया है जबकि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह के हालात दिख रहे हैं, उन्हें देखते हुए चीन में रोजाना 5,000 के करीब लोगों की जान जा रही है।
कब्रिस्तानों में वाहनों की पार्किंग भरी
चीन के झूठ को मैक्सार टेक्नोलॉजी उपग्रह तस्वीरों ने दुनिया के सामने रख दिया है। तस्वीरों में दिख रहा है कि चीन के छह शहरों के कब्रिस्तानों में गाड़ियों की पार्किंग पूरी तरह से भरी हुई है। जबकि दिसंबर के शुरुआती हफ्ते में यह पूरी तरह खाली था। एक तस्वीर में दिख रहा है कि पार्किंग के लिए फसल को काट कर खेत में जगह बनाई गई है। ये तस्वीरें चीन में बड़े पैमाने पर तबाही दिखा रही हैं। एक सैटेलाइट तस्वीर में दिख रहा है हजारों लोगों के लिए क्वारंटीन केंद्र बनाए गए हैं। एयरफिनिटी के मुताबिक, चीन में 23 जनवरी तक 25,000 लोगों की एक दिन में मौत संभव है।
उच्च संक्रमण वाले देशों में यात्रियों को मास्क जरूरी : डब्ल्यूएचओ
दुनिया के कई देशों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट एक्सबीबी.1.5 का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। विशेष तौर पर यह वैरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका में धीरे-धीरे असर दिखा रहा है। इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता जाहिर कर अपील की है कि वे ऐसे देश जहां संक्रमण का ज्यादा प्रकोप है, वहां की यात्रा करने वाले अपने यात्रियों को मास्क पहनना जरूरी रखें। वरिष्ठ अधिकारी कैथरीन स्मॉलवुड ने कहा, लंबी दूरी व उच्च जोखिम वाली जगहों पर जाने वाले यात्रियों को मास्क पहनने की सलाह दी जानी चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि नया वैरिएंट अत्यधिक संक्रामक है और अमेरिका में यह कोरोना के 27.6 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। यूरोप के कई देशों में भी सबवैरिएंट का पता चला है।