मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के समय में सिंगापुर में कई चीनी अरबपतियों ने लग्जरी घर खरीदे हैं और खासकर सेंटोसा आइलैंड पर चीनी नागरिकों की अच्छी खासी तादाद बसी है।
चीन के कई अरबपतियों ने हाल के समय में सिंगापुर में बसने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के डर से वहां के अरबपति चीन छोड़कर किसी सुरक्षित देश का रुख कर रहे हैं। बता दें कि हाल के दिनों में कई अरबपतियों और टैक्स ना चुकाने वाले सेलिब्रिटीज के खिलाफ कार्रवाई की है। ऐसे में चीन के कई अरबपति अपनी संपत्ति को बचाने के लिए चीन छोड़कर अन्य देशों का रुख कर रहे हैं। कई अरबपति सिंगापुर पहुचे हैं। इसके अलावा चीन की जीरो कोविड नीति के बाद भी कई अरबपति दूसरे देशों को अपना ठिकाना बना रहे हैं।
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चाइना के अरबपतियों की सिंगापुर के पहली पसंद बनने की वजह वहां पिछले साठ सालों से एक ही पार्टी का शासन होना और मजदूरों की हड़ताल और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन होने पर भी पूरी तरह से रोक है। टैक्स भी तुलनात्मक रूप से कम हैं और सिंगापुर की अधिकतर जनसंख्या भी चीनी मूल की ही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के समय में सिंगापुर में कई चीनी अरबपतियों ने लग्जरी घर खरीदे हैं और खासकर सेंटोसा आइलैंड पर चीनी नागरिकों की अच्छी खासी तादाद बसी है। यहां थीम पार्क, कैसिनों के साथ ही एक लग्जरी गोल्फ कोर्स भी है। सिंगापुर में इमीग्रेशन और रिलोकेशन का इंतजाम करने वाली फर्म एआईएमएस के सीईओ ने भी माना है कि चीन के अरबपति, सिंगापुर का रुख कर रहे हैं। सेंटोसा गोल्फ कोर्स पर अब रोल्स रॉयल्स और बेंटले जैसी लग्जरी कारें दिखना आम हो गया है। सिंगापुर में बसने वाली चीनी नागरिक अधिकतर युवा हैं।
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उल्लेखनीय है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने हाल ही में कई अरबपतियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें टॉप बिजनेसमैन जैक मा का नाम प्रमुख है। चीन की सरकार की कार्रवाई के चलते जैक मा 25 बिलियन डॉलर का नुकसान झेल चुके हैं। चीन के कई अन्य अरबपतियों को भी चीन सरकार की कार्रवाई का डर सता रहा है। यही वजह है कि चीन के अरबपति अब अपनी संपत्ति को बचाने के लिए दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं। चीन की सबसे बड़ी हॉटपॉट चेन Haidilao के संस्थापक ने भी हाल ही में सिंगापुर में फैमिली ऑफिस खोला है। बीते साल के अंत तक 1500 चीनी बिजनेसमैन ने सिंगापुर में फैमिली बिजनेस खोले हैं।