चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान
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पिछले साल अगस्त में तालिबान की सत्ता पर नियंत्रण हासिल करने के बाद तालिबान यहां अपनी नई सरकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की मांग कर रहा है। इसके लिए उसने बीजिंग से भी मदद की गुहार लगाई है। तालिबान के इस अनुरोध के जवाब में चीन ने कहा है कि इसके लिए तालिबान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि अफगान पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उम्मीदों के प्रति आगे बढ़ेगा। इसके लिए उसे एक खुली व समावेशी राजनीतिक व्यवस्था बनाने और विवेकपूर्ण घरेलू तथा विदेशी नीतियों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए।
लिजियान ने आगे कहा कि इसके साथ ही उसे सभी तरह के आतंकी बलों के खिलाफ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करनी चाहिए। उन्होंने कहा, नई अफगानिस्तान सरकार को अन्य देशों के साथ मित्रवत संबंध बनाने चाहिए, खास तौर पर अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर उसे विशेष ध्यान देना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय परिवार में शामिल होना चाहिए।
बता दें कि चीन तालिबान से अपने अशांत मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में सक्रिय पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामी आंदोलन (ईटीआईएम) के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह रहा है। चीन का यह प्रांत अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा करता है। कट्टरपंथी संगठन तालिबान की नई सरकार को अभी तक दुनिया के किसी भी देश की ओर से मान्यता नहीं प्रदान की गई है।
अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री ने की है मान्यता देने की अपील
बुधवार को अफगानिस्तान के कार्यकारी प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद ने तालिबान सरकार के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की अपील की थी। पिछले साल सितंबर में यह पद संभालने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए मुल्ला हसन ने कहा था कि मैं सभी सरकारों और खास तौर पर इस्लामी देशों से मांग करता हूं कि वह मान्यता देने की शुरुआत करें।