चीन के नए रक्षा मंत्री ली शांगफू (बीच में)
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चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता सौंपी गई है। अब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) जिनपिंग तरफ से प्रस्तावित नामों को सरकार में अलग-अलग पद सौंपने का काम भी कर रही है। पीएम ली कियांग के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी पार्टी कांग्रेस में जनरल शी शांगफू को चीन को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। 65 वर्ष के शांगफू जल्द ही वेई फेंघ की जगह लेंगे, जो कि अक्तूबर में ही चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अपने पद से इस्तीफे का एलान कर चुके हैं।
क्यों खास है ली शांगफू की नियुक्ति?
ली शांगफू चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में चर्चित चेहरा हैं। उन्हें जिनपिंग के नेतृत्व में 2015 में सेना की स्ट्रैटिजिक सपोर्ट फोर्स शाखा का हिस्सा बनाया गया था। इस शाखा को स्पेस, साइबर तकनीक, राजनीतिक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के क्षेत्र में चीन को उन्नत बनाने के लिए तैयार किया गया था।
शांगफू की रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्ति अमेरिका-चीन के बीच पहले से खटाई में पड़े रिश्तों के लिए और मुसीबत पैदा कर सकती है। दरअसल, 2018 में अमेरिका ने शांगफू पर प्रतिबंध लगा दिए थे। वॉशिंगटन ने कहा था कि शांगफू ने चीन के लिए रूस से सुखोई-35 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान ली शांगफू चीन की रक्षा तकनीक के आधुनिकीकरण का काम देख रहे एक उच्चाधिकार प्राप्त सैन्य आयोग में उपकरण विकास विभाग के निदेशक थे।