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China: बाइडन से मिलने के बाद पहली बार शंघाई की यात्रा पर जिनपिंग; निवेश से जुड़ी चिंताओं के बीच दौरा बेहद अहम

Mon, 27 Nov 2023 11:26 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ शिखर सम्मेलन के बाद चीन लौटे राष्ट्रपति शी जिनपिंग शंघाई दौरे पर गए हैं। चीनी राष्ट्रपति पहली बार शंघाई दौरा करेंगे। विदेशी निवेश से जुड़ी चिंता के बीच उनकी यात्रा बेहद अहम है।
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चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अमेरिकी समकक्ष बाइडन (फाइल) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश के वाणिज्यिक केंद्र शंघाई जा सकते हैं। खबरों के मुताबिक जिनपिंग पहली बार शंघाई की यात्रा पर जा रहे हैं। मंगलवार को प्रस्तावित दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि देश में घटता विदेशी निवेश चिंता का सबब बनता जा रहा है। खास बात यह भी है कि जिनपिंग कि यात्रा अमेरिका की हाई-प्रोफाइल यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हो रही है। इस दौरे पर जिनपिंग ने "बाधाओं को तोड़ने" का वादा किया था। 
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पहली बार शंघाई जाएंगे जिनपिंग
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबरों के अनुसार, देश में उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए जिनपिंग नीतियों और उपायों पर मंथन कर रहे हैं। दिशानिर्देशों की समीक्षा के लिए जिनपिंग ने सोमवार को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे शक्तिशाली इकाई- पोलित ब्यूरो बैठक की अध्यक्षता भी की। अब 70 वर्षीय शी जिनपिंग मंगलवार को पहली बार शंघाई का दौरा करने की तैयारी कर रहे हैं। 

बता दें कि शंघाई 25 मिलियन से अधिक की आबादी वाला शहर है। चीन के आर्थिक उत्पादन में इसका योगदान लगभग चार प्रतिशत है। चीन में आने वाला सबसे बड़ा विदेशी निवेश शंघाई में आता है। इसमें टेस्ला, जनरल मोटर्स, वॉल्ट डिज्नी जैसी कंपनियां हैं। जिनपिंग के दौरे के बारे में यात्रा की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह शंघाई की उनकी पहली यात्रा होगी। इस शहर में जिनपिंग पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के प्रमुख थे।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महीने अमेरिका की उनकी सफल यात्रा के दौरान जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ "रणनीतिक और ऐतिहासिक" शिखर वार्ता की। इसके दौरान दोनों नेता अपनी कठोर नीतियों और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी को कम करने पर सहमत हुए। इस महीने की शुरुआत में सैन फ्रांसिस्को दौरे पर गए जिनपिंग ने एपीईसी सीईओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उन्होंने चीन में विदेशी निवेश बाधाओं को दूर करने का वादा किया था। व्यापार करने में आसानी होने के लिए उपायों के साथ जिनपिंग ने विदेशी पूंजी को आमंत्रित करने का भी वादा किया था।.

उन्होंने भरोसा दिलाया था कि चीन नवाचार के रास्ते की बाधाओं को दूर करने का पूरा प्रयास करेगा। इसके साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुधार और कानून के अनुपालन में डेटा का स्वतंत्र और व्यवस्थित प्रवाह भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने चीनी सप्लाई चेन में भी बदलाव के संकेत दिए। अब राष्ट्रपति जिनपिंग के शंघाई दौरे से पहले डिंग हैफेंग ने कहा कि इस यात्रा के दौरान, पश्चिम से चीन के अलग होने के बारे में बढ़ती चिंताओं पर बात हो सकती है।

शंघाई की वित्तीय सलाहकार फर्म- इंटीग्रिटी के सलाहकार डिंग हैफेंग ने कहा, शी जिनपिंग कारोबारियों और पदाधिकारियों के साथ सीमा पार व्यापार और पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर बात कर सकते हैं। बाजार के उदारीकरण को भी प्रोत्साहित किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जिनपिंग की यात्रा के बाद व्यापार और निवेश के नजरिए से शंघाई की भूमिका को और उजागर किया जाएगा।
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