चीन के इस बयान से एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को भारत ने चीन को नसीहत दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत वार्ता के जरिए विवाद निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन चीन को अपनी हरकतों पर लगाम लगानी होगी। मंत्रालय ने कहा था कि हमने चीनी पक्ष के साथ हालिया गतिविधियों और आक्रामक कार्रवाइयों का मामला राजनयिक और सैन्य, दोनों चैनलों के माध्यम से साझा किया है।
हमने उनसे अनुरोध किया है कि अनुशासन में रहें और अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों कों ऐसी आक्रामक गतिविधियां करने से रोकें। मंत्रालय ने कहा कि 31 अगस्त को, जब दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर स्थिति को सामान्य करने के लिए चर्चा कर रहे थे, तब भी चीनी सैनिकों ने उकसाने वाली कार्रवाई की थी। समय रहते रक्षात्मक कार्रवाई के चलते भारतीय पक्ष यथास्थिति को बदलने के लिए किए गए इन प्रयासों को रोकने में सक्षम रहा था।