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Nepal: नेपाल में चीन की फिर बढ़ी सक्रियता, कम्युनिस्ट पार्टियों शुरू किया नया संवाद

Tue, 20 Jun 2023 06:46 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री रमेश रिजाल सोमवार को बीजिंग के लिए रवाना हुए, जबकि नेपाली संसद के ऊपरी सदन नेशनल असेंबली के चेयरमैन गणेश प्रसाद तिमिलसिना हफ्ते भर से चीन में हैं...
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Nepal: Ramesh Rijal with Chinese envoy - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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चीन ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ अपना संपर्क अचानक बढ़ा दिया है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियों के विभिन्न स्तर के नेताओं की चीन यात्रा का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। खबर है कि इन नेताओं से बातचीत के जरिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) नेपाल के जमीनी हालात का जायजा ले रही है। ऐसी खबर है कि सीपीसी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), और जल्द ही बनने वाले सोशलिस्ट फ्रंट के नेताओं के साथ अपने रिश्तों में नई जान फूंकने की कोशिश में है। प्रस्तावित सोशलिस्ट फ्रंट में यूएमएल को छोड़ कर कई अन्य कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट गुट शामिल होंगे।

नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री रमेश रिजाल सोमवार को बीजिंग के लिए रवाना हुए, जबकि नेपाली संसद के ऊपरी सदन नेशनल असेंबली के चेयरमैन गणेश प्रसाद तिमिलसिना हफ्ते भर से चीन में हैं। उधर सीपीसी की सेंट्रल कमेटी के अंतरराष्ट्रीय विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल बीते शुक्रवार को यहां आया था। यहां उसकी प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत हुई।

चीन प्रतिनिधिमंडल ने यहां प्रधानमंत्री और माओइस्ट सेंटर के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल, यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली, और सोशलिस्ट पार्टी नेपाल के अध्यक्ष बाबूराम भट्टराई के साथ लंबी बातचीत की। उनके अलावा इस दल की यहां राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के विदेश संबंध सलाहकार और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के नेताओं एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात हुई। इन वार्ताओं में शामिल होने वाले कई नेताओं ने नेपाली मीडिया को बताया है कि चीनी दल ने नेपाल की जमीनी सूरत की जानकारी हासिल करने की कोशिश की।

पर्यवेक्षकों ने इसे महत्त्वपूर्ण माना है कि सीपीसी के चार सदस्यों के इस दल ने उन सभी प्रमुख नेताओं से विस्तार से बातचीत की, जो सोशलिस्ट फ्रंट बनाने की प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं। इस फ्रंट में माओइस्ट सेंटर, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनता समाजवादी पार्टी, और नेत्र विक्रम चांद के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी शामिल होगी। पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई के नेतृत्व वाली सोशलिस्ट पार्टी नेपाल अभी तय नहीं कर पाई है कि वह प्रस्तावित फ्रंट में शामिल होगी या नहीं। फ्रंट बनाने के क्रम में रविवार को अगली बैठक होनी है।

चीनी प्रतिनिधिमंडल से मिले एक नेता अखबार काठमांडू पोस्ट को बताया- ‘चीनी नेता सोशलिस्ट फ्रंट को लेकर काफी जिज्ञासु थे। वे जानना चाहते थे कि यह किस तरह विकसित होगा और नेपाल की राजनीति पर इसके क्या प्रभाव होंगे।’ उधर बाबूराम भट्टराई ने चीनी दल से मुलाकात के एक बाद एक ट्वीट में कहा- ‘हमने नेपाल और चीन के आपसी हितों और इस क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति से संबंधित मुद्दों, और सोशलिस्ट पार्टी नेपाल एवं सीपीसी के बीच आपसी सहयोग के बारे में विचार-विमर्श किया।’

चीनी दल ने नेपाल के नेताओं से बातचीत के दौरान उन्हें ‘आगाह’ किया कि कुछ बाहरी ताकतें नेपाल और चीन के रिश्तों को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही हैं। नेपाली नेताओं को उससे सचेत रहना चाहिए। गणेश प्रसाद तिमिलसिना ने बीबीसी की नेपाली सेवा को दिए इंटरव्यू में भी ऐसी बात कही है। उनके मुताबिक चीनी नेताओं ने उन्हें सावधान किया है कि अमेरिका और भारत नेपाल में चीन विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

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