लॉकडाउन के बाद चीनी स्कूलों में बच्चे
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कोरोना वायरस से बच्चे अभी महफूज हैं और संक्रमित होने वालों की संख्या बड़े लोगों की तुलना में कम है। हालांकि, दो नए अध्ययन में पता चला है कि बच्चे भी वायरस के वाहक हो सकते हैं। बच्चों में अब तक सामान्य तरह के लक्षण दिखे हैं। इसकी पहचान नहीं हुई तो ये दूसरों को संक्रमित करने में देर नहीं करेंगे।
साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध में चीन के वुहान और शंघाई का जिक्र किया गया है जहां संक्रमण की चपेट में आने वालों में बच्चे तीसरे स्थान पर थे। लेकिन जब स्कूल खुले तो बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ गए और ये खतरा तीन गुना तक बढ़ गया। इटली के ब्रुनो केसलर फाउंडेशन से जुड़ी मैथेमेटिकल एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी गणितज्ञ) मार्को एजेली का कहना है कि स्कूल बंद रखकर संक्रमण को रोकना संभव नहीं है, पर इससे संक्रमण की गति को 40 से 60 फीसदी तक धीमा किया जा सकता है।