2019 में जर्मनी में बच्चों के साथ यौन हिंसा के 15 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। यह संख्या 2018 की तुलना में करीब 1300 से ज्यादा है। पुलिस को डर है कि कोरोना वायरस की पाबंदियों से ये संख्या इस साल भी बढ़ सकती है।
बच्चों, नाबालिगों के साथ यौन अपराध मामले
15,936 मामले 2019 में रिपोर्ट किए गए
14,606 संख्या थी 2018 में जो अब बढ़ गई है।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले
12,262 मामले 2019 में सामने आए। 2016 की तुलना में तो यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
शोषण के मामलों के फेडरल कमिश्नर योहानेस विलहेल्म रोएरिष ने बताया कि बच्चों के यौन शोषण के करीब एक चौथाई मामलों में अपराधी उनके परिवार का ही कोई ना कोई व्यक्ति होता है। बच्चों के यौन शोषण के कई मामले तो इसलिए ही रिपोर्ट नहीं हो पाते, क्योंकि ऐसा करने वाला परिवार का ही कोई व्यक्ति होता है।
बच्चों की हत्या में कमी
14 साल की उम्र से कम उम्र के बच्चों की हत्या के 122 मामले 2019 में जर्मनी में दर्ज हुए, जबकि ये संख्या 2018 में 136 थी।
भारत में बच्चों के साथ यौन शोषण के मामलों की संख्या लाखों में
भारत में बच्चों के साथ यौन शोषण के मामलों की संख्या लाखों में है लेकिन ऐसे मामले रिपोर्ट नहीं होते हैं। 2018 में एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक भारत में प्रतिदिन 109 मामले पॉस्को एक्ट के तहत दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में रिपोर्ट ना होने वाले केसों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती है।