इंस्टाग्राम पर बच्चों को सताया जा रहा है। 13 से 15 साल के किशोरों के यौन शोषण के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख सोशल मीडिया कंपनी मेटा के पूर्व कर्मचारी ने अमेरिकी सीनेट में शपथ लेकर यह बयान दिया। कहा, इंस्टा की मालिकाना कंपनी मेटा इनके बारे में भली-भांति जानती है, लेकिन जानबूझकर कोई सुधार नहीं कर रही। वह बच्चों को हो रहा नुकसान रोकने में जानबूझ कर विफल हो रही है।
पूर्व कर्मचारी अर्तुरो बेजर साल 2019 से 2021 तक इंस्टाग्राम पर यूजर्स की देख-रेख के लिए काम कर रहे थे। 2009 से 2015 तक फेसबुक के उत्पाद व देखरेख टीम के निदेशक भी थे। उन्होंने अपने बयान सीनेट की न्यायिक सह-समिति को दिए जो निजता, तकनीक व कानून पर बनी है और सोशल मीडिया के किशोरों की मानसिक सेहत पर असर के मामले की सुनवाई कर रही है। संसद में दोनों दलों के सांसद कानून बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे माता-पिता अपने बच्चों को ऑनलाइन शोषण से सुरक्षित रख सकें और सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म में बदलाव करें।
अंदरूनी सर्वे व ईमेल के दिए साक्ष्य
बेजर ने 2021 के एक ईमेल को साक्ष्य के रूप में पेश किया।
इसमें उन्होंने जकरबर्ग व अन्य अधिकारियों को कहा था कि इंस्टाग्राम के अंदरुनी सर्वे पिछले 7 दिनों में 51 फीसदी यूजर्स के खराब व खतरनाक चीजों से गुजरने की पुष्टि कर रहे हैं।
इनमें से 24.4 प्रतिशत यूजर्स बच्चे हैं, जिनकी उम्र 13 ये 15 साल थी। उन्हें इंस्टा पर यौन गतिविधियों व सामग्री के जरिये सताया जा रहा था।
13 से 15 साल के 13 फीसदी बच्चों ने सर्वे में अपने साथ हुए शोषण का शिकार बनाने के प्रयासों की जानकारी दी है।
खत्म नहीं करना चाहते समस्या
बेजर के मुताबिक, समय आ चुका है कि लोग व माता-पिता समझ जाएं कि मेटा के उत्पाद किस स्तर के खतरे पैदा कर रहे हैं। यह भी बताया कि वह मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर मिलते थे लेकिन वे सभी समस्या को खत्म करना नहीं चाहते।
मेरी 16 साल की बेटी तक परेशान
अपनी 16 साल की बेटी का उदाहरण देकर बेजर ने कहा कि वह भी इंस्टा पर अनुचित टिप्पणियों व अश्लील तस्वीरों से गुजर रही है। उसे प्लेटफॉर्म ने ऐसा कोई रास्ता ही नहीं दिया है कि वह कंपनी को इनके बारे में बताए और खुद को सुरक्षित करे।
मेटा का रटा-रटाया बयान:
सुनवाई पर मेटा ने कहा, वह किशोरों के लिए अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बेजर की ओर से जिन सर्वे का हवाला देकर विकट हालात सामने रखे गए, उन्हीं के जरिये मेटा ने अपनी ओर से किए गए उपायों को बताया। साथ ही कहा, यह काम लगातार जारी हैं।