Taiwan's ruling and opposition lawmakers engaged in physical scuffles and verbal attacks
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ताइवान की संसद में उस वक्त अराजकता पैदा हो गई जब सत्तारूढ़ और विपक्षी सांसदों में विवादास्पद विधेयकों पर तनाव चरम पर आ गया। दोनों पक्षों में हुई तीखी झड़प के बीच संसद में हाथापाई हुई, सांसदों ने एक-दूसरे पर मुक्केबाजी की और पोडियम पर कूदकर कार्रवाई बाधित करते हुए कुछ सांसद फाइलें छीन सदन के बाहर ले गए।
झड़पों के दौरान लगी चोटों के कारण पांच सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) और कुओमिनतांग (केएमटी) दोनों पार्टियों के प्रमुख लोग शामिल थे। पूरे सत्र के दौरान क्रॉस- कॉकस वार्ताएं लड़खड़ाने से गतिरोध और भी बढ़ गया। डीपीपी सांसदों की विपक्षी केएमटी और टीपीपी पार्टी के सांसदों से झड़प कई घंटे चली।
यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब देश के नए राष्ट्रपति लाई चिंग ते को सोमवार 20 मई को शपथ लेना था। ताइवान की संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया। जिसके मुताबिक सरकार के कामकाज पर नजर रखने वाले विपक्षी सांसदों के पास ज्यादा ताकत होगी। इसके अलावा, संसद में झूठा बयान देने पर सरकारी अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसी विधेयक पर मतदान से पहले सत्ताधारी और विपक्षी पार्टी के सांसदों के बीच झड़प हुई।
विपक्षी पार्टी केएमटी बहुमत होने की वजह से संसद में अपने सदस्यों को ज्यादा शक्ति दिलवाना चाहती है। वहीं, लाई की पार्टी डीपीपी का आरोप है कि विपक्षी सदस्य संसद में जबरन इस विधेयक को पारित करवाने की कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान का उल्लंघन है।
संसद में खोया बहुमत
नई सरकार का गठन पहले से ही विवाद में है, क्योंकि लाई की डीपीपी ने जनवरी में चुनाव जीतने के बावजूद संसद में अपना बहुमत खो दिया है। विपक्षी केएमटी के पास डीपीपी से अधिक सीटें हैं, लेकिन यह बहुमत के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
डीपीपी पर बड़ा आरोप
केएमटी पार्टी की सदस्य जेसिका चेन ने डीपीपी पर एक पार्टी के रूप में निरंकुश शक्तियां चाहने का आरोप लगाया। उन्होंने सत्ताधारी दल पर कई अन्य आरोप भी लगाए।