ब्रिटेन में टीचिंग, मेडिकल और नर्सिंग के क्षेत्र में जॉब की चाह रखने वाले भारतीयों के लिए एक बुरी खबर है। ब्रिटेन ने भारतीयों के अलावा सभी गैर-यूरोपियन देशों के नागरिकों के लिए वीजा नियम सख्त कर दिए हैं।
नए नियम के तहत डॉक्टर, नर्स और टीचर को ब्रिटेन में नौकरी करने के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकट देना होगा। अगर वह ऐसा करने में असमर्थ पाए जाते हैं तो उनका वीजा अमान्य करार दिया जाएगा। यह नियम अप्रैल से लागू होगा।
अप्रवासी को यह भी साबित करना होगा कि उनके खिलाफ किसी भी तरह का क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है और यह उनको उस देश से लेना होगा जिस देश में वह पिछले एक साल से या 10 वर्षों से रह रहे हैं। अभी तक सिर्फ उन्हें खुद ही यह घोषणा करनी होती थी कि उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। बता दें कि यह यह नया नियम जॉब करने वालों के पार्टनर पर भी लागू होंगे। हालांकि 18 साल से कम उम्र वालों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
ब्रिटेन के आप्रवासी मंत्री रॉबर्ट गुडविल ने कहा 'हमारी प्राथमिकता ब्रिटेन में रह रहे परिवारों और हमारे समुदायों की रक्षा करना है। बाहर से आए क्रिमिनल को हमारे देश में काम करने का कोई अधिकार नहीं।'