पाक को सबसे बड़ा झटका अफगानिस्तान को चाबहार से मिल ने वाली सीधी सप्लाई से पड़ा है। इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 5 अरब डॉलर का था जो अब घटकर डेढ़ अरब डॉलर से भी कम का रह गया है। विश्लेषकों के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान का चाबहार पोर्ट है। अब कोई भी सामाग्री ईरान के चाबहार से होकर सीधे अफगानिस्तान पहुंच रही है।
इससे पहले अफगानिस्तान व्यापार के लिए पाकिस्तान पर पूरी तरह से निर्भर था। अफगानिस्तान चौतरफा जमीन से घिरा हुआ देश है। इसको किसी भी समुद्र या नदी का सीधा संपर्क नहीं है। अफगानिस्तान के उत्तर में तुर्कमेनिस्तान, उजेबकिस्तान जबकि दक्षिण में पाकिस्तान है। पूर्व में ईरान और पश्चिम में तजाकिस्तान है।
चाबहार पोर्ट के कारण भारत अपना माल अफगानिस्तान और ईरान को सीधे भेज पा रहा है। इसके अलावा एक बड़ी बात यह भी है कि चाबहार के कारण भारत अपने माल को रूस, तजकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजकिस्तान और उजेबकिस्तान भेज पा रहा है। इससे भारत के व्यापार में लगातार वृद्धि हो रही है। हथियारों की खरीद के कारण रूस से बढ़ रहे व्यापार घाटे को भी कम करने में भारत को मदद मिल रही है।
चीन और पाक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित हो रहे ग्वादर बंदरगाह के काट के रूप में भी ईरान के चाबहार को देखा जा रहा है। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है कि अमेरिका ने इस बंदरगाह को ईरान पर लगे प्रतिबंधों से मुक्त कर रखा है। भारत ने अफगानिस्तान से ईरान के चाबहार तक सड़क मार्ग का निर्माण भी कराया है। जिससे अफगानिस्तान को समुद्र तक आसानी से पहुंच मिला है।